सीएजी, संसद और सरकार

आज़ादी के बाद से, सिवाय 1975 में लगाए गए आपातकाल के, भारतीय लोकतांत्रिक संस्थाएं और संविधान कभी भी इतनी तनाव भरी स्थिति में नहीं रही हैं. श्रीमती इंदिरा गांधी ने संविधान के प्रावधान का इस्तेमाल वह सब काम करने के लिए किया, जो सा़फ तौर पर अनुचित था और अस्वीकार्य था. फिर भी वह इतनी सशक्त थीं कि आगे उन्होंने आने वाले सभी हालात का सामना किया. चुनाव की घोषणा की और फिर उन्हें हार का सामना करना पड़ा.

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झारखंड पर मंडराता रेडिएशन का खतरा

झारखंड में रेडिएशन का खतरा मंडरा रहा है, लेकिन राज्य और केंद्र सरकार लापरवाह बनी हुई है. यह खतरा जादूगोड़ा स्थित यूरेनियम कारपोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा उत्सर्जित कचरे से नहीं, बल्कि रामगढ़ ज़िले में स्थित रजरप्पा कोल वाशरी से वर्ष 2007 में गायब हुए ऐश एनलाइजर से बना हुआ है.

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