आज़ादी की गाथा को ब़खूबी बयां करती ये देशभक्ति फिल्में

बॉलीवुड स्टार्स को जब हम किसी सैनिक या आर्मी ऑफिसर्स का रोल प्ले करते देखते हैं, तो दिल में देशभक्ति

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शेखावटी- जैविक खेती : …और कारवां बनता जा रहा है

पंजाब में नहरों का जाल है. गुजरात और महाराष्ट्र विकसित राज्य की श्रेणी में हैं. बावजूद इसके यहां के किसानों को आत्महत्या करनी प़डती है. इसके मुक़ाबले राजस्थान का शेखावाटी एक कम विकसित क्षेत्र है. पानी की कमी और रेतीली ज़मीन होने के बाद भी यहां के किसानों को देखकर एक आम आदमी के मन में भी खेती का पेशा अपनाने की इच्छा जागृत होती है, तो इसके पीछे ज़रूर कोई न कोई ठोस वजह होगी. आखिर क्या है वह वजह, जानिए इस रिपोर्ट में:

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मिस्र : मार्शल तांतवी का तांडव

कहा जाता है कि क्रांति अपने पुत्रों को निगल जाती है. क्या मिस्र में कुछ ऐसा ही होने वाला है? जिन लोगों ने देश में लोकतंत्र की बहाली के लिए अपना क़ीमती समय ख़र्च किया, संसाधन लगाए और होस्नी मुबारक को इस्ती़फा देने के लिए मजबूर किया, आज उन्हीं के साथ फिर से अन्याय किया जा रहा है.

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मिस्र की दूसरी क्रांति

हम लोगों ने इसलिए संघर्ष नहीं किया था कि एक तानाशाह को सत्ता से हटाकर दूसरे तानाशाह के लिए ज़मीन तैयार करें. हमें लोकतंत्र चाहिए, सैनिक हस्तक्षेप से चलने वाला शासन नहीं. ऐसी ही आवाज़ें उठ रही हैं मिस्र की राजधानी क़ाहिरा के उस तहरीर चौक से, जहां हज़ारों लोग एक बार फिर से सेना के सत्ता पर क़ाबिज़ होने की मंशा को चकनाचूर करने के लिए एकत्रित हुए हैं.

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क्रांति को प्रेम से क्या ख़तरा है

क्रांति और प्रेम एक सिक्के के दो पहलू हैं. क्रांति प्रेम से ही पनपती है. दुनिया की बड़ी-बड़ी क्रांतियां प्रेम की वजह से ही हुई हैं. चाहे देश प्रेम हो या फिर किसी के प्रति प्रेम. ऐसे में एक क्रांतिकारी को प्रेम हो जाए तो इसमें ग़लत क्या है?

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टीम अन्‍नाः मिलिए पर्दे के पीछे के नायकों से

आप जैसे ही अरविंद केजरीवाल के दफ्तर ग़ाज़ियाबाद के कौशांबी स्थित पीसीआरएफ पहुंचते हैं, वहां आपकों कई युवा लैपटॉप से जूझते नज़र आएंगे. कोई मोबाइल पर निर्देश देता नज़र आएगा तो कोई बैनर-पोस्टर संभालता हुआ. दरअसल ये सभी इंडिया अगेंस्ट करप्शन के बैनर तले चल रहे जन लोकपाल आंदोलन की तैयारी में व्यस्त हैं.

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‘सांस्‍कृतिक क्रांति’ पर बवाल

चौथी दुनिया के अपने इसी स्तंभ में कुछ दिनों पहले मैंने बिहार सरकार के कला और संस्कृति मंत्रालय की कॉफी टेबल बुक-बिहार विहार के बहाने सूबे में सांस्कृतिक संगठनों की सक्रियता, उसमें आ रहे बदलाव और सरकारी स्तर पर उसके प्रयासों की चर्चा की थी.

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इस्‍लामी दुनिया के महानायक

बात लीबिया में हो रही जनतांत्रिक क्रांति की. यहां प्रति व्यक्ति आय 13400 अमरीकी डॉलर है. ज़ाहिर है, यह देश ग़रीब नहीं है. लीबिया यूरोप का सबसे बड़ा तेल और गैस का सप्लायर है. गद्दा़फी ने लोगों को भरोसा दिलाया कि लीबिया के मानव संसाधनों को बढ़ावा दिया जाएगा.

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पश्चिम एशिया में क्रांतिः लोकतंत्र के लिए मुसलमान

जब भी किसी देश में लोग सड़कों पर बेरोज़गारी, महंगाई, ग़रीबी या किसी अन्य मांग को लेकर सरकार के खिला़फ लामबंद होते हैं तो उसे आंदोलन कहा जाता है. लेकिन जब कोई आंदोलन विद्रोह का रूप ले लेता है, जब किसी आंदोलन का मक़सद सत्ता परिवर्तन होता है तो उसे क्रांति कहते हैं.

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उत्तराखंड क्रांति दल की कलह सतह पर

उत्तराखंड राज्य निर्माण में महती भूमिका निभाने वाला, अपने जन आंदोलनों के लिए विख्यात उक्रांद अब अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है. राज्य में भारतीय जनता पार्टी सरकार के गठन में पार्टनर की भूमिका अदा कर सत्ता का सुख भोगने वाले इस दल के नेता इन दिनों अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे है.

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नक्‍सल क्रांति का एक जनक हताशा से हार गया

हताशा ने न जाने कितनी जानें ली हैं, पर अभी हाल में इसने एक ऐसे नेता को अपना शिकार बनाया है, जिसने आज से 43 साल पहले हथियारों के बल पर उस व्यवस्था को बदलने का सपना देखा था, जो किसानों व मज़दूरों का शोषण करती है, उनका हक़ मारती है. इस हताशा के ताजा शिकार हैं, कानू सान्याल.

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