पत्रकारिता की क़ीमत जान हो सकती है

पत्रकारिता एक ऐसा पेशा है, जिसकी क़ीमत क्या है, अभी यह तय नहीं हुआ है. पत्रकारिता में जो लोग आते हैं उन्हें कम से कम यह ध्यान में रखकर आना चाहिए कि पत्रकारिता के पेशे की क़ीमत उनकी अपनी जान हो सकती है. मुंबई में मिड डे के पत्रकार जेडे की हत्या इस सत्य को एक बार फिर रेखांकित कर रही है.

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