राष्ट्रीय संकट का निवारण कैसे हो

यह संघर्ष राष्ट्र के वर्तमान संकट से उबरने की अनुक्रिया का एक अविच्छिन्न भाग होगा. यह संघर्ष स्थानीय, क्षेत्रीय अंतरराष्ट्रीय

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ग्राम सभा को मज़बूत बनाएं

स्वराज की अवधारणा असल में पंचायती राज संस्था की नींव पर ही टिकी है यानी जितनी सशक्त पंचायती राज संस्था होगी, उतनी ही ज़्यादा संभावना ग्राम स्वराज के मज़बूत होने की बनेगी. गांधी जी भी चाहते थे कि शासन की सबसे छोटी इकाई यानी पंचायती राज के ज़रिए ही गांवों का विकास हो.

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यह धर्म निरपेक्षता नहीं है

भारतीय इतिहास में तुर्की की एक अहम भूमिका रही है. भारत के विभाजन के केंद्र में भी इसका नाम रहा और इसके बाद भारत द्वारा धर्मनिरपेक्षवाद अपनाए जाने के पीछे भी वजह तुर्की ही था. प्रथम विश्व युद्ध के व़क्त जब ओटोमन सुल्तान की हार हुई, तब उसे अपने खलीफा पद पर भी ख़तरा मंडराता नज़र आया.

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