शिरडी पहुंचने के प्रथम दिन ही बाला साहेब और हेमाड पंत के बीच गुरु की आवश्यकता पर वाद-विवाद छिड़ गया. हेमाड पंत इस वाक़िये को कुछ इस प्रकार बयां करते हैं. उस समय मेरा मत था कि स्वतंत्रता त्याग कर पराधीन क्यों होना चाहिए और जब कर्म करना ही पड़ता है, तब गुरु की आवश्यकता ही कहां रही. प्रत्येक को पूर्ण प्रयत्न कर स्वयं को आगे बढ़ाना चाहिए.
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देवभूमि हिमालय सदैव देवाधिदेव भगवान महादेव का निवास होने के कारण देवताओं एवं श्रेष्ठ गुणों वाले मानवों द्वारा पसंद किया जाता रहा है. गंगा, यमुना एवं सरस्वती जैसी नदियों का उद्गमस्थल होने के साथ-साथ भगवान नारायण एवं कैलाशपति भगवान शिव सहित अनेक देवी-देवताओं का निवास स्थान होने के कारण इस भूमि को पावन देवभूमि के रूप में पुकारा गया.
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महिला आरक्षण में पिछड़े वर्ग को शामिल करने का मुद्दा तो पहले से ही गर्म था, उस पर मदरसे से लेकर शिया धर्म गुरुओं ने अपनी डफली अपना राग की तर्ज पर राजनीति में मुस्लिम महिलाओं के आने के मुद्दे पर विरोध जताना शुरु कर दिया. शिया धर्म गुरु मौलाना कल्बे जव्वाद की नज़र में महिलाओं का काम स़िर्फ बच्चे पैदा करना है न कि राजनीति करना
Tags: Backward class, Edict, Islam, Maulana, Muslim, Women, girls, guru, issue, redundant, religion, reservations, seminaries, आरक्षण, इस्लाम, गुरु, धर्म, पिछड़े वर्ग, बेमानी, महिला, मुद्दा, मुस्लिम, मौलाना, राजनीति Posted in आंदोलन, कानून और व्यवस्था, जरुर पढें, धर्म, राजनीति, विधि-न्याय, समाज, साहित्य by Author: शशि शेखर | No Comments » | Read More... |
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जनता एक ज़िम्मेदार संसद का निर्माण करे |
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