किसानों पर गोलियां चलाने से हल नहीं निकलेगा

भारत भी अजीब देश है. यहां कुछ लोग ऐसे हैं, जिन्हें फायदा पहुंचाने के लिए सरकार सारे दरवाज़े खोल देती है. कुछ लोग ऐसे हैं, जिन्हें लाभ पहुंचाने के लिए नियम-क़ानून भी बदल दिए जाते हैं. कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिनके हितों की रक्षा सरकारी तंत्र स्वयं ही कर देता है, मतलब यह कि किसी को कानोंकान खबर तक नहीं होती और उन्हें बिना शोर-शराबे के फायदा पहुंचा दिया जाता है.

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फायरबिसगंज गोली कांडः नेता सिर्फ जख्‍म कुरेदते हैं, मरहम नहीं देते

फारबिसगंज के भजनपुर में अजीब बेचैनी बिखरी पड़ी है. पुलिसिया ख़ौ़फ के साये में यहां सांस लेते लोगों की ज़ुबान बंद है, पर पटना और दिल्ली से आए नेता उनके मुंह में उंगली डाल उनसे बुलवाने की रोजाना कोशिश करते हैं. अपने अजीज़ों को खोने वाले लोगों की आंखें न्याय की आस में रोज खुलती है और रोज बंद होती है, पर इंतज़ार ख़त्म नहीं हो रहा है.

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लाइन में खडा़ किया गोली मारी और लाशें बहा दीं

अगर न्याय में देरी का मतलब न्याय से वंचित होना है तो यह कह सकते हैं कि मेरठ के मुसलमानों के साथ अन्याय हुआ है. मई 1987 में हुआ मेरठ का दंगा पच्चीसवें साल में आ चुका है. इस दंगे की सबसे दर्दनाक दास्तां मलियाना गांव और हाशिमपुरा में लिखी गई. खाकी वर्दी वालों का जुर्म हिटलर की नाजी आर्मी की याद दिलाता है.

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रेमंड को माफी अवाम को मंजूर नहीं

अमेरिकी दूतावास कर्मी रेमंड डेविस की गोली से जब दो पाकिस्तानी नागरिक मारे गए थे तो कट्टरपंथियों ने यह कहते हुए चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया था कि यदि अमेरिका के दबाव में रेमंड की रिहाई हुई तो मुल्क में हुकूमत के विरुद्ध आग भड़क उठेगी, लेकिन रेमंड इस्लामी शरीयत के मुताबिक़ ब्लड मनी देकर रिहा हो गया.

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चूहों के लिए गर्भ निरोधक गोली

चूहे नेपाल की बहुत बड़ी समस्या हैं. वे यहां की फसल का एक बहुत बड़ा हिस्सा खा जाते हैं. इसी के मद्देनज़र नेपाल के वैज्ञानिकों ने इसका हल खोज लिया है. नेपाल एग्री कल्चरल सोसायटी (एनएआरसी) के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी गोली ईजाद की है, जिससे चूहे अपनी आबादी नहीं बढ़ा सकेंगे. इस काम में पूरे तीन साल का समय लगा.

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कश्‍मीरियों के सिर पर गोली मत मारो

पिछले चुनाव के बाद जब उमर अब्दुल्ला ने कश्मीर की सत्ता संभाली थी, तो लोगों ने उनसे बड़ी-बड़ी उम्मीदें लगाई थीं. आम धारणा यही थी कि उमर नई पीढ़ी के हैं, जवान हैं, केंद्र सरकार में मंत्री रहने का अनुभव उनके पास है, इसलिए उनके काम करने का तरीका कुछ अलग होगा.

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