यश-भारती के यश पर सवाल

उत्तर प्रदेश के समाजवादी कुनबे में कलह जारी है. सियासत से लेकर अंतःपुर में खेले जाने वाले दांव-पेंच पर पूरे

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मस्न्युलर डिस्ट्रॉफी- एक गंभीर, लेकिन अनजान रोग

दुनिया भर में एड्स को फैलने से बचाने के लिए तमाम मुहिमें चल रही हैं. वैज्ञानिक इसका इलाज ढूंढने के

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जनरल वी के सिंह का आहृवान : भ्रष्‍टाचार के समूल नाश का संकल्‍प लीजिए

देश को बचाने के लिए आज़ादी के संकल्पों को याद करके भ्रष्टाचार के समूल नाश का संकल्प युवा पीढ़ी को लेना होगा, भ्रष्टाचार का कीड़ा देश की रूह को खाए जा रहा है. यह बात पूर्व थल सेनाध्यक्ष जनरल वी के सिंह ने अयोध्या-फैज़ाबाद दौरे के दौरान कही. उन्होंने कहा कि सेना को उच्च तकनीक का इस्तेमाल करके ख़ुद को मज़बूत करते रहना चाहिए. पड़ोसी देश चीन यदि अपनी सेना को मज़बूत करता है तो यह उसका हक़ है, हमें भी ख़ुद को तैयार करना होगा.

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इंडिया इन ट्रांजिशनः एंटी बायोटिक और अनिवार्य दवाएं न मिल पाने की चुनौतियां

जहां तक एंटी बायोटिक दवाओं का संबंध है, भारत में इस संदर्भ में दो बिल्कुल अंतर्विरोधी समस्याएं हैं. बहुत से लोग इसलिए मरते हैं, क्योंकि उन्हें एंटी बायोटिक दवाएं नहीं मिल पातीं और दूसरे लोग ऐसे हालात में भी इनका प्रयोग करते हैं, जब उन्हें इनकी ज़रूरत नहीं होती और इस प्रकार वे एंटी बायोटिक प्रतिरोध को बढ़ाने में मदद करते हैं.

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कैमरा बोले तो डॉक्टर

हाल में हुए एक अध्ययन में यह ख़ुलासा हुआ है कि कैमरा फोन चिकित्सा निदान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. नीदरलैंड के रॉयल ट्रापिकल इंस्टीट्यूट के शोधकर्ता कोसजे तुईज्न ने बताया कि दो मेगा पिक्सल कैमरा स्पष्ट माइक्रोस्कोपी छवियां लेने में सक्षम है, जिन्हें विशेषज्ञों द्वारा विश्लेषण के लिए वेबसाइट पर भेजा जा सकता है.

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दिल्‍ली का बाबूः उत्तर प्रदेश के बाबू परेशान

उत्तर प्रदेश की राजनीति अपराध और भ्रष्टाचार के लिए कुख्यात रही है. इस वजह से वहां काम करने वाले कई बाबुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. हाल में वहां कई करोड़ रुपये का चिकित्सा घोटाला हुआ.

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बाबा रामदेव और भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम

रामदेव वर्तमान में देश के सफलतम बाबा हैं. कोई दूसरा बाबा उन्हें चुनौती देने की स्थिति में नहीं है. बाबा रामदेव का दावा है कि उनके सौ करोड़ अनुयायी हैं. असंख्य लोगों का दावा है कि बाबा की योग चिकित्सा पद्धति से उनके लाइलाज रोग ठीक हुए और उनके स्वास्थ्य में चमत्कारिक सुधार हुआ. बहुत कम समय में बाबा ने अरबों रुपये का व्यापारिक साम्राज्य स्थापित कर लिया.

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लगन बनाम लालफीताशाहीः एक डॉक्‍टर की अजब कहानी

लगन और एकाग्रचित्तता बनाम तिकड़म और लालफीताशाही की यह नायाब कहानी है. कानपुर के प्रसिद्ध होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. पी के सचान ने दोबारा मेहनत कर के सीपीएमटी की परीक्षा केवल इसलिए पास की थी, क्योंकि उन्हें फार्माकोलॉजी की पढ़ाई पूरी करनी थी.

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सारणः एक अस्‍पताल के भरोसे पूरा जिला

आम आदमी की बुनियादी सुविधाओं में स्वास्थ्य और चिकित्सा बेहद महत्वपूर्ण होती है. इसकी ज़रूरत कब पड़ जाए, कहना मुश्किल है. धनी लोग तो ज़्यादातर निजी चिकित्सालयों में जाना मुनासिब समझते हैं, मगर ग़रीबों के लिए तो सरकारी अस्पताल ही एकमात्र सहारा होता है.आम आदमी की बुनियादी सुविधाओं में स्वास्थ्य और चिकित्सा बेहद महत्वपूर्ण होती है. इसकी ज़रूरत कब पड़ जाए, कहना मुश्किल है. धनी लोग तो ज़्यादातर निजी चिकित्सालयों में जाना मुनासिब समझते हैं, मगर ग़रीबों के लिए तो सरकारी अस्पताल ही एकमात्र सहारा होता है.

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मानसिक चिकित्सा है श्रद्धा और सबूरी

साई के दिव्य संदेशों में श्रद्धा और सबूरी अपना विशेष स्थान रखते हैं. आज तक बहुत से ज्ञानी जनों ने श्रद्धा-सबूरी को कई विभिन्न दृष्टियों से प्रस्तुत किया. अपनी-अपनी मन:स्थिति के अनुसार सभी का कहना सही भी है, लेकिन मन में एक विचार और उठता है और समझ आता है कि वास्तव में बाबा का श्रद्धा-सबूरी का दिव्य संदेश एक मानसिक चिकित्सा या कहें कि मनोचिकित्सा का एक स्वरूप है.

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आंखों का रखें ध्‍यान

आयुर्वेदिक दवाइयों के प्रति पूरी दुनिया में बढ़ते विश्वास को देखते हुए लॉस एंजेल्स स्थित कंपनी डोहेनी रेटिना इंस्टीट्यूट ने भारत के इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद और इंटीग्रेटिव मेडिसिन (आईएआईएम) के साथ गठजोड़ किया है.

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नेचुरोपैथीः दिल्ली का एक अस्पताल ऐसा भी…

फादर ऑफ मेडिसिन हिप्पोक्रेट्‌स ने कहा है कि एक बीमार आदमी को प्रकृति ठीक करती है न कि एक डॉक्टर. आज हालात ठीक इसके उलट हैं. आज इंसान प्रकृति से दूर हो गया है. डॉक्टरों की संख्या और दवाइयों की खोज तो बढ़ती गई, लेकिन उसी अनुपात में बीमारियां भी बढ़ती जा रही हैं. एलोपैथी दवा खा-खाकर भी आज इंसान रोगमुक्त नहीं हो पा रहा है.

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केंद्र ही भूल गया पातालकोट

छिंदवाड़ा ज़िले में स्थित पातालकोट क्षेत्र प्राकृतिक संरचना का एक अजूबा है. सतपुड़ा पर्वत श्रेणियों की गोद में बसा यह क्षेत्र भूमि से एक हज़ार से 1700 फुट तक गहराई में बसा हुआ है. इस क्षेत्र में 40 से ज़्यादा मार्ग लोगों की पहुंच से दुर्लभ हैं और वर्षा के मौसम में यह क्षेत्र दुनिया से कट जाता है.

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मोटरन्‍यूरॉन बीमारी मतलब मौत

वैसे तो कोई भी बीमारी इंसान को खौ़फ के साए में लाकर खड़ी कर देती है पर कुछ बीमारियां ऐसी होती हैं जिनके साए से निकलते निकलते आदमी दम तोड़ देता है. ऐसी ही एक जानलेवा बीमारी हैमोटरन्यूरॉन. लाइलाज बीमारियों की संख्या में समूचे भारत में लगातार वृद्धि होती जा रही है.

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एमपी बिरला अस्पताल : अवैध ब्लड ट्रांसफ्यूजन की जांच शुरू

मध्य प्रदेश विधानसभा में पूछे गए एक प्रश्न ने सतना के एमपी बिरला अस्पताल में हड़कंप मचा दिया है. इस अस्पताल के पास ब्लड बैंक की अनुमति नहीं है, जबकि यह अब तक हज़ारों मरीज़ों को स्वयं खून चढ़ाने का काम कर चुका है. पिछले आठ वर्षों से चल रहे इस गोरखधंधे से कई मरीज़ों की जान संकट में पड़ चुकी है.

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कछारी गांव जहां हर शख्‍स बहरा है

कहते हैं कि भारत चमत्कारों का देश है. यहां ऐसे-ऐसे आश्चर्यजनक, अजब-ग़जब और अद्‌भुत समाचार मिल जाते हैं, जो और कहीं नही मिलते. पर कभी-कभी कुछ समाचार ऐसे होते हैं कि विश्वास ही नहीं होता कि हम 21वीं सदी में जी रहे हैं. कछारी गांव इसका जीगता-जागता उदाहरण है.

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केंद्रीय अस्पताल नर्सिंग छात्राओं के भरोसे चल रहे हैं

धनबाद का स्कूल ऑफ नर्सिंग बीसीसीएल के लिए किसी दुधारू गाय से कम नही है. स्कूल से कंपनी को आर्थिक लाभ के अलावा 120 नर्सों की सेवा बिना किसी अतिरिक्त खर्च के मिल रही है. स्वीकृत पदों के हिसाब से यहां नर्सों की संख्या का़फी कम है. कंपनी ने इसके लिए कोल इंडिया मुख्यालय को पत्र लिखा है, लेकिन अभी तक इसका कोई समाधान नज़र नहीं आता है. नर्सों की कमी का सबसे ज़्यादा प्रभाव इसके मुख्य चिकित्सा संस्थान केंद्रीय अस्पताल पर पड़ रहा है.

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हैती: बदहाल स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं के लिए जिम्‍मेदार कौन?

तऱक्की का मापदंड अगर स्वास्थ्य को माना जाए तो कैरेबियाई देश हैती इस मामले में सबसे निचले पायदान पर होगा. यह विकासशील देशों का एक दुखद पहलू है, जो सा़फ करता है कि विकासशील मुल्क खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य का अधिकार खोते जा रहे हैं.

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