अखिलेश राज की रणनीति – आतंकियों पर नरम सत्याग्रहियों पर गरम?

सरकार को जनता का ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि उसे मुसीबतों से बचाने के लिए रणनीति एवं योजनाएं बनाना उसी की

Read more

जल, जंगल और ज़मीन बचाने में जुटे आदिवासी

आदिवासियों की पहचान जल, जंगल और ज़मीन से ज़रूर है, लेकिन प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन के कारण उन्हें इन

Read more

नया भूमि अधिग्रहण विधेयक किसानों के खिलाफ साजिश

भूमि अधिग्रहण एवं पुनर्स्थापना एवं पुनर्वास विधेयक संसद के मॉनसून सत्र में भी पेश नहीं हो सका. यह विधेयक कब पेश होगा और देश के करोड़ों किसानों की परेशानियां कब खत्म होंगी, यह कोई नहीं बता सकता. मौजूदा समय में देश के अंदर जबरन भूमि अधिग्रहण के विरोध में छोटे-बड़े सैकड़ों आंदोलन चल रहे हैं. अब नंदीग्राम, सिंगुर, भट्टा पारसौल, नगड़ी, जैतापुर और कुडनकुलम जैसे हालात कई राज्यों में पैदा हो गए हैं.

Read more

भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास व पुनर्स्‍थापन अधिनियम (संशोधन) 2011 : नई हांडी में पुरानी खिचड़ी

नए भूमि अधिग्रहण क़ानून को लेकर देश भर की निगाहें संसद और केंद्र सरकार पर टिकी हुई हैं. जबरन भूमि अधिग्रहण के विरोध में आंदोलित कई राज्यों में सैकड़ों ग़रीब किसानों एवं आदिवासियों को पुलिस की गोलियों का शिकार होना पड़ा. उनका दोष स़िर्फ इतना था कि वे किसी भी क़ीमत पर अपनी पुश्तैनी ज़मीन देने के लिए तैयार नहीं थे. ब्रिटिश शासन के दौरान अंग्रेजों ने भूमि अधिग्रहण अधिनियम 1894 बनाया था.

Read more

पूंजी-विकास के माध्यम

इस परिस्थिति को संभालने के लिए, जैसा स्वाभाविक है, एक तीसरी श्रेणी, जो इन दो श्रेणियों का जोड़-तोड़ बैठा सके, खड़ी हुई. यह तीसरी श्रेणी मध्यम श्रेणी के नाम से पुकारी जाती है. यह मध्यम श्रेणी किस तरह से उत्पन्न हुई, इसका भी विचित्र इतिहास है. राजा, ठाकुर या जमींदार भूमि के स्वामी थे.

Read more

जान देंगे, ज़मीन नहीं

बिहार राज्य विद्युत बोर्ड द्वारा बरौनी ताप विद्युत संयंत्र का विस्तारीकरण किया जाना है. राज्य मंत्रिमंडल ने 3666 करोड़ रुपये की इस योजना को स्वीकृति प्रदान कर दी है. सरकार का कहना है कि फिलहाल 2250 मेगावॉट क्षमता वाले कोयला आधारित विद्युत संयंत्र की स्थापना होगी.

Read more

अलिराजपुरः बांध के बंधक : विस्थापितों का ज़मीन हक़ सत्याग्रह

ज़मीन जीवन का आधार है और इस नव उदारवादी समाज का सबसे महंगा उत्पाद भी. ज़मीन किसानों, आदिवासियों और मजदूरों के घरों के चूल्हों की आग गर्म बनाए रखने के लिए ज़रूरी है, पूंजीपतियों के लिए यह कुबेर का खजाना पाने का एक साधन है और सरकार के लिए लोगों को विकास का सपना दिखाने के लिए एक संसाधन.

Read more

कटनीः सजा ली चिता, अब ज़मीन लेंगे या जान देंगे

कटनी के विजय राघवगढ़ एवं बरही तहसीलों के दो गांवों डोकरिया और बुजबुजा के किसानों की दो फसली खेतिहर ज़मीनें वेलस्पन नामक कंपनी के ऊर्जा उत्पादक उद्योग हेतु अधिग्रहीत करने के संबंध में दाखिल सैकड़ों आपत्तियों एवं असहमति को शासन ने दरकिनार कर दिया.

Read more

फालतू धन की माया

ज़मीन या मकान ही ऐसी निजी संपत्ति नहीं थी जिसकी आय पर आदमी बिना कुछ करे घर बैठे खाता-पीता रहे. किराये के धन से भी कहीं ज़्यादा जो फालतू धन लोगों के पास पड़ा है, उसका किराया पूंजीवादियों की दूसरी निजी संपत्ति है. फालतू धन के किराये को हम ब्याज़ के नाम से पुकारते हैं.

Read more

महाराष्‍ट्रः राजनाथ का विदर्भ दौरा सवालों के घेरे में

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह की विदर्भ यात्रा पर अब सवाल उठाए जा रहे हैं. उनकी इस यात्रा को कुछ संगठन व्यक्तिगत यात्रा तक क़रार दे रहे हैं और पार्टी की नीति पर भी प्रश्नचिन्ह लग रहे हैं. भाजपा नेताओं की औद्योगिक इकाइयों द्वारा भी किसानों की ज़मीन हड़पने का आरोप लगाया जा रहा है. इससे राजनाथ की विदर्भ यात्रा विफल होती लग रही है.

Read more

नया ज़मीन घोटाला

ऐसा नहीं है कि भारत में स़िर्फ लालची बिल्डरों ने ही मुना़फे के लिए उम्दा ज़मीनों का अधिग्रहण किया है. अगर सरकार को भी मौक़ा मिला है तो वह भी ऐसा करने से नहीं चूकती.

Read more