देशभर में विरोध झेल रही है पद्मावती, सलमान सहित कई हस्तियों ने दिया भंसाली का साथ 

अक्सर देखा जाता है कि फिल्म निर्माता अपनी फिल्मों को लेकर रिलीज से पहले कई रियलिटी टीवी शो और  दूसरी

Read more

पाकिस्तान को मिली कारगिल से भी बड़े युद्ध की चेतावनी

नई दिल्ली, (राज लक्ष्मी मल्ल) : मशहूर लेखक और गीतकार जावेद अख्तर ने अपने ट्वीटर अकाउंट पर अपने पडोसी देश

Read more

अ़खबारों से ग़ायब होता साहित्य

साहित्य समाज का आईना होता है. जिस समाज में जो घटता है, वही उस समाज के साहित्य में दिखलाई देता है. साहित्य के ज़रिये ही लोगों को समाज की उस सच्चाई का पता चलता है, जिसका अनुभव उसे खुद नहीं हुआ है. साथ ही उस समाज की संस्कृति और सभ्यता का भी पता चलता है. जिस समाज का साहित्य जितना ज़्यादा उत्कृष्ट होगा, वह समाज उतना ही ज़्यादा सुसंस्कृत और समृद्ध होगा.

Read more

नए रास्तों की तलाश

राजकमल प्रकाशन द्वारा प्रकाशित लावा सुप्रतिष्ठित ग़ज़लकार, पटकथाकार जावेद अख्तर का दूसरा ग़ज़ल और नज़्म संग्रह है. उनका पहला ग़ज़ल संग्रह तरकश 1995 में प्रकाशित हुआ था. क़रीब डे़ढ दशक से ज़्यादा अरसे बाद दूसरा संग्रह आने पर जावेद कहते हैं, अगर मेरी सुस्ती और आलस्य को नज़र अंदाज़ कर दिया जाए तो इस देर की एक वजह बताई जा सकती है कि मेरे ख्याल में एक के बाद दूसरे संग्रहों का अंबार लगा देना अपने अंदर कोई कारनामा नहीं है.

Read more