जनसमस्याओं के समाधान की इच्छाशक्ति किसी भी राजनीतिक दल में नहीं है

अभी भी देश में ऐसे लोगों की बड़ी संख्या है, जो चुनाव में किस पार्टी ने क्या किया और कौन

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विशेषांक?: पूर्वोतर छात्र मिलन समारोह : हिंदी विद्यापीठ पत्रिका

हिंदी विद्यापीठ पत्रिका झारखंड की सांस्कृतिक राजधानी वैद्यनाथ देवघर से निकलने वाली एक स्तरीय त्रैमासिक शोध पत्रिका है. इस पत्रिका

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हस्‍तकलाओं का अस्तित्‍व खतरे में

इक्कीसवीं सदी के ग्लोबलाइज्ड वर्ल्ड में व्यापार लोगों को जोड़ने वाली सबसे शक्तिशाली चीज़ों में से है. लेकिन आश्चर्य यह है कि व्यापार की ब़ढती समृद्धि के साथ ग़रीबी भी ब़ढी है और इससे अमीरी और ग़रीबी के बीच की खाई ब़डी हो गई है. विश्व व्यापार में वे संभावनाएं हैं, जो ग़रीबी हटाने के साथ इकोनॉमिक ग्रोथ के लिए बेहतरीन माध्यम बन सकती हैं.

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महाराष्ट्र में डी वाई पाटिल ग्रुप की हकीकत शिक्षा का माफिया राज

शिक्षा माफिया. इस देश को नव उदारवाद का एक उपहार. धंधा ऐसा कि हींग लगे न फिटकरी, रंग चोखा आ जाए. और जब भैया हों कोतवाल तो फिर डर कैसा, चाहे जो मर्जी हो, वह कर लो. महाराष्ट्र के शिक्षा जगत में भी सालों से कुछ ऐसा ही हो रहा है. डी वाई पाटिल ग्रुप, एक ऐसा ही नाम है. पेश है, चौथी दुनिया की खास रिपोर्ट.

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