कम होती बहस और प्रचार की परंपराएं

देश में मौजूदा राजनीति भले ही कई विसंगतियों की शिकार रही हो, लेकिन लोकसभा, विधानसभा, ग्राम पंचायतों और शहरी निकायों

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जब तोप मुकाबिल हो : प्रार्थना कीजिए, सब कुछ अच्छा हो

कांग्रेस सबसे अच्छी स्थिति में है. भारतीय जनता पार्टी की अंतर्कलह ने उसे नया जीवनदान दे दिया है. महंगाई, भ्रष्टाचार, बेरोज़गारी एवं

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चुनावी सर्वे के खेल में : मोदी और राहुल साथ-साथ है

देश में होने वाले चुनावी सर्वे न स़िर्फ भ्रामक हैं, बल्कि उन्हें राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा

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ओडिशा में पोस्को के ख़िलाफ़ आंदोलन – ज़ुल्म की इंतिहा है जहां

जगतसिंहपुर ज़िले में स्थानीय ग्रामीण कोरियाई स्टील कंपनी पोस्को का विरोध पिछले सात वर्षों से कर रहे हैं. महिला दिवस

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तीसरा मोर्चा संभावनाएं और चुनौतियां

लोकसभा में एफडीआई के मुद्दे पर दो दलों ने जो किया, वह भविष्य की संभावित राजनीति का महत्वपूर्ण संकेत माना जा सकता है. शायद पहली बार मुलायम सिंह और मायावती किसी मुद्दे पर एक सी समझ रखते हुए, एक तरह का एक्शन करते दिखाई दिए. यह मानना चाहिए कि अब यह कल्पना असंभव नहीं है कि चाहे उत्तर प्रदेश का चार साल के बाद होने वाला विधानसभा का चुनाव हो या फिर देश की लोकसभा का आने वाला चुनाव, ये दोनों साथ मिलकर भी चुनाव लड़ सकते हैं.

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