बड़ी कठिन है न्‍याय की डगर

सब मानते हैं कि देर से मिला इंसा़फ भी नाइंसा़फी के बराबर होता है. इसके बावजूद हमारे देश में म़ुकदमे कई पीढि़यों तक चलते हैं. हालत यह है कि लोग अपने दादा और परदादा के म़ुकदमे अब तक झेल रहे हैं. इंसान खत्म हो जाता है, लेकिन म़ुकदमा बरक़रार रहता है. इसकी वजह से बेगुनाह लोग अपनी ज़िंदगी जेल की सला़खों के पीछे गुज़ार देते हैं. कई बार पूरी ज़िंदगी क़ैद में बिताने या मौत के बाद फैसला आता है कि वह व्यक्ति बेक़सूर है.

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असफल वित्त मंत्री सक्रिय राष्‍ट्रपति

वर्ष 2008 में ग्लोबल इकोनॉमी स्लो डाउन (वैश्विक मंदी) आया. उस समय वित्त मंत्री पी चिदंबरम थे. हिंदुस्तान में सेंसेक्स टूट गया था, लेकिन आम भावना यह थी कि इस मंदी का हिंदुस्तान में कोई असर नहीं होने वाला है. उन दिनों टाटा वग़ैरह का प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा था और एक धारणा यह बनी कि भारतीय अर्थव्यवस्था को विश्व की अर्थव्यवस्था की ज़रूरत नहीं है.

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नए सेनाध्‍यक्ष की नियुक्ति पर विवादः प्रधानमंत्री की अग्नि परीक्षा

चौथी दुनिया को कुछ ऐसे दस्तावेज़ हाथ लगे हैं, जिनसे हैरान करने वाली सच्चाई का पता चलता है. कुछ दिन पहले सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका की सुनवाई हुई, जिसमें लेफ्टिनेंट जनरल बिक्रम सिंह को अगले सेनाध्यक्ष के रूप में नियुक्ति पर सवाल खड़े किए गए.

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दिल्‍ली का बाबू : सीआईसी की परेशानी

केंद्रीय सूचना आयोग में सूचना आयुक्त के दो पद खाली पड़े हैं, लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है. सूत्रों का कहना है कि नियुक्ति में देरी का कारण प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज की व्यस्तता है, इसलिए निर्णय नहीं हो पा रहा है.

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दिल्‍ली का बाबूः वित्त मंत्रालय के बाबू

वित्त मंत्रालय में कुछ नई चीज़ें हो रही हैं. अकसर देखा जाता है कि जो अधिकारी किसी मंत्री या सरकार के नज़दीकी होते हैं या फिर उनके व़फादार होते हैं, उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद कोई पद दे दिया जाता है. सामान्य तौर पर सचिव रैंक के अधिकारियों को सेवा विस्तार नहीं दिया जाता है, क्योंकि उनकी सेवानिवृत्ति के साथ कई लोग आस लगाए रहते हैं कि इस बार उनकी बारी आने वाली है.

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दिल्ली का बाबू : भरे जाने लगे खाली पद

सरकार भले ही देर से जागी, लेकिन अब लगता है कि विभिन्न मंत्रालयों में खाली पड़े कई पदों पर नियुक्ति बहुत जल्द की जाएगी. इसके लिए सरकार ने शुरुआत कर दी है. जवाहर सरकार को प्रसार भारती का सीईओ बनाया जाना इस दिशा में उठाया गया क़दम माना जा सकता है. ग़ौरतलब है कि बहुत दिनों से प्रसार भारती के लिए स्थायी सीईओ की नियुक्ति लंबित थी और यह पद खाली पड़ा था.

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कोल इंडिया का चेयरमैन कौन बनेगा

कोल इंडिया के नए चेयरमैन की नियुक्ति का मामला गरमा गया है. पांच आईएएस अधिकारी यानी पर्यावरण मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव नंदिता चटर्जी, पर्यावरण सचिव आर के काहलोन, लालू यादव के पूर्व ओएसडी, राजस्थान के मुख्यमंत्री के प्रिंसिपल सेक्रेटरी श्रीमत पांडेय और सिंगरेनी कोलियरी के प्रबंध निदेशक इस पद के लिए दौड़ में शामिल हैं.

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दिल्ली का बाबू: बाबुओं का राजनीतिकरण

नौकरशाही का राजनीतिकरण कोई नई बात नहीं है. सभी चुनावों के पहले ऐसा देखा जाता है. उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने अपने सचिवालय के दो आईएएस अधिकारियों नवनीत सहगल एवं डी एस मिश्रा की सराहना सरकार के विकासात्मक कार्यों में उनकी भूमिका के लिए की.

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मिर्जापुर : अवैध नियुक्तियों के जरिये करोड़ों की चपत

उत्तर प्रदेश में दो मुख्य चिकित्साधिकारियों की हत्या ने पूरे देश का ध्यान स्वास्थ्य विभाग में हो रही लूट की ओर खींचा है. इस विभाग में घोटालों की संस्कृति इतनी व्यापक है कि अन्य विभागों के प्रभावशाली लोगों ने भी बहती गंगा में हाथ धो लिए.

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दिल्ली का बाबू : नियुक्तियों को लेकर सतर्कता

ओएनजीसी प्रमुख की नियुक्ति की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है. लंबे समय से इस संगठन को अपने प्रमुख का इंतज़ार है, लेकिन अभी यह इंतज़ार ख़त्म होता नहीं दिखाई पड़ रहा है. यूपीए सरकार नियुक्ति के सिलसिले में किसी प्रकार का विवाद नहीं चाहती है

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दिल्ली का बाबू: चुनाव पूर्व जंग

कांग्रेसी नेता एवं पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरेंद्र सिंह ने दो वरिष्ठ अधिकारियों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने सेवा नियमों का उल्लंघन करते हुए अकाली दल सरकार का खुले तौर पर साथ दिया. अमरेंद्र सिंह ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ चुनाव आयोग से शिकायत की है

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खनन सचिव के लिए खतरे की घंटी

नौकरशाही में अर्श से फर्श पर आना आम बात है. कभी आंखों का तारा रहे 1976 बैच के आईएएस अधिकारी एवं मौजूदा खनन सचिव सुब्रह्मण्यम विजय कुमार सरकार से मतभेद के कारण मंत्रालय से बाहर किए जा सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक, सब कुछ ठीकठाक रहा तो दोनों मंत्रियों समेत मौजूदा सचिव को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है. कयास लगाए जा रहे हैं कि कुमार का अगला आशियाना श्रम मंत्रालय हो सकता है.

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दिल्ली का बाबू: आइएएस बनने का ख्वाब

भारत में नव उदारवाद के दौर के बाद से मध्य वर्ग में लोक सेवा का आकर्षण बहुत ज्यादा नहीं बचा. फिर भी अन्य लोगों में इसे लेकर अभी भी दिलचस्पी बची हुई है. हाल के वर्षों में ऐसी कई खबरें आईं, जहां आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के कई उम्मीदवारों ने लोक सेवा की परीक्षा में अपने दम पर सफलता पाई है.

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दिल्ली का बाबू: आरबीआई का अगला गवर्नर कौन

महंगाई दर में वृद्धि जारी है और मुद्रास्फीति पर भी काबू नहीं पाया जा सका है, इस कारण वित्तीय क्षेत्र में अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं. इसके साथ ही सत्ता के गलियारों में इस बात की भी चर्चा है कि भारतीय रिजर्व बैंक का अगला गवर्नर कौन होगा, क्योंकि वर्तमान गवर्नर डी सुब्बाराव सितंबर में सेवानिवृत्त हो रहे हैं.

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महाराष्‍ट्रः यहां ईमानदार को सजा मिलती है

आज के ज़माने में ईमानदारी की बात करने वालों को पागल या बुद्धू कहा जाता है. यह विचार लोग चाहे मज़ाक़ या गप्प मारते समय व्यक्त करते हों, पर महाराष्ट्र में ईमानदार अधिकारियों को शासन-प्रशासन द्वारा किस तरह प्रताड़ित किया जाता है, इसका उदाहरण हैं वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी संजय पांडे, जिन्हें राज्य सरकार दंडित कर रही है ईमानदारी से काम करने के लिए, अपने कर्तव्य का सही ढंग से पालन करने के लिए.

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दिल्ली का बाबूः पुलक चटर्जी पीएमओ आएंगे

विश्व बैंक के वर्तमान कार्यकारी निदेशक पुलक चटर्जी का कार्यकाल फरवरी 2012 में समाप्त होने वाला है. ऐसा समझा जा रहा था कि उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय में जगह दी जाएगी और हुआ भी ऐसा ही. चटर्जी की नियुक्ति पर कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने मुहर लगा दी. दस जनपथ से नजदीकी की वजह से पीएमओ में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

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गुजराल बने वित्त सचिव

वर्ष 1976 बैच के हरियाणा कैडर के आईएएस अधिकारी रमींदर सिंह गुजराल को सुनील मित्रा के स्थान पर वित्त सचिव बनाया जाएगा. उनकी नियुक्ति पर मुहर लग गई है. अभी वह राजस्व सचिव के पद पर आसीन हैं.

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अल्पसंख्यक विद्यार्थियों के लिए छात्रवृति योजना : मदद के नाम पर धोखा

भारत में मूल शिक्षा को मौलिक अधिकार घोषित किया गया, लेकिन अ़फसोस की बात यह है कि हमारे देश में क़ानून तो बना दिए जाते हैं, पर उन्हें ठीक से लागू नहीं किया जाता. परिणामस्वरूप क़ानून होते हुए भी आम नागरिक उससे कोई फ़ायदा नहीं ले पाते. शिक्षा का भी कुछ यही हाल है.

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मथाई और विदेश नीति

अगले विदेश सचिव के तौर पर रंजन मथाई के नाम पर अंतिम मुहर लग गई है. इसी के साथ अगला विदेश सचिव कौन की दौड़ भी खत्म हो गई है. मथाई 2007 से फ्रांस में भारत के राजदूत के रूप में कार्य कर रहे थे. पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्त शरत सभरवाल और संयुक्त राष्ट्र संघ में भारतीय राजदूत हरदीप पुरी इस पद के अन्य दावेदारों में थे, लेकिन आखिरकार मथाई को ही इस पद के लिए चुना गया.

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बाबू बिन विभाग

सरकार के तीन महत्वपूर्ण विभाग बिना उच्चाधिकारी के काम कर रहे हैं. सरकार इन पदों पर नियुक्ति के लिए योग्य अधिकारी की तलाश कर रही है. पी जे थॉमस की नियुक्ति को सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द किए जाने के बाद से ही सीवीसी का पद रिक्त है.

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एनएचएआई चेयरमैन की खोज जारी

कैबिनेट में फेरबदल की चर्चाओं के बीच प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने परिवहन मंत्री सी पी जोशी को निर्देश दिया है कि वह राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को पुनर्गठित करने का काम करें. दरअसल, इस एजेंसी में एक पूर्णकालिक चेयरमैन की नियुक्ति का मामला कई महीने से अटका हुआ है.

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दिल्‍ली का बाबूः बेदाग़ अधिकारी चाहिए

फिलहाल, सरकार अभी अपना ध्यान पूरी तरह से कैबिनेट में किए जाने वाले फेरबदल के अलावा अन्ना हज़ारे और रामदेव के आंदोलन से भ़डकी आग को बुझाने पर केंद्रित कर रही है, लेकिन इसके अलावा भी बहुत से काम प्रतीक्षा सूची में हैं, जिन्हें जल्दी से जल्दी यानी कुछ ही हफ्तों के भीतर किया जाना है.

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जवाबदेही का इन हाउस सिस्टम जरूरी है

आज भारत की न्यायपालिका को किन बीमारियों ने जकड़ रखा है, यह एक कठिन विषय है. सीधे-सीधे इसका जवाब हां या ना में देना संभव नहीं है. आज ज़रूरत है सच्चाई से रूबरू होने और उसका सामना करने की. न्यायपालिका का ट्रैक रिकॉर्ड या इतिहास आज़ादी के बाद से आज तक बहुत ही गौरवशाली है.

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दिल्ली का बाबू: ममता लहर

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद को अपने पूर्ववर्ती बुद्धदेव भट्टाचार्य की कार्यशैली से अलग रखना चाहती हैं. इस निर्णय पर केंद्र सरकार में मंत्री के तौर पर काम करने के उनके अनुभव का असर है या कुछ और, कह नहीं सकते, लेकिन ऐसा लग रहा है कि दीदी रायटर्स बिल्डिंग में भी पीएमओ जैसा मॉडल विकसित करना चाहती हैं.

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एडसिल में सीएमडी की नियुक्ति का मामलाः सिब्बल जी, यह भी भ्रष्टाचार है

लोकपाल विधेयक बनाने के लिए गठित ज्वाइंट ड्राफ्ट कमेटी में सरकारी नुमाइंदे के तौर पर मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल भी शामिल हैं. यह कमेटी एक ऐसी संस्था के गठन का रास्ता निकाल रही है, जो भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा सके.

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दिल्‍ली का बाबूः मुखिया विहीन बैंकिंग सेक्टर

पिछले 9 महीने से पंजाब एंड सिंध बैंक के सीएमडी का पद रिक्त है, लेकिन अब तक इस मसले को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय और वित्त मंत्रालय के बीच जारी तनातनी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. अब तक ये दोनों मिलकर यह तय नहीं कर पाए हैं कि चली आ रही परंपरा के अनुसार इस पद पर एक सिख को बैठाया जाए या नहीं.

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दिल्‍ली का बाबूः पीएमओ ने मांगी स़फाई

प्रधानमंत्री कार्यालय ने पंजाब और सिंध बैंक के नए मुखिया की नियुक्ति पर वित्त मंत्रालय की पसंद पर सवाल उठाए हैं. इस बैंक का मुखिया पारंपरिक रूप से एक सिख को बनाया जाता रहा है. जब जी एस बेदी का नाम इस बैंक के चेयरमैन पद के लिए चुना गया, तब पीएमओ ने कहा कि बैंक प्रमुख का चुनाव करते व़क्त उम्मीदवार की प्रतिभा पर ध्यान दिया जाना चाहिए, न कि किन्हीं अन्य बातों पर.

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आम आदमी और न्यायपालिका-2

लंबित मुकदमों की लंबी कतार और साथ ही जजों की ईमानदारी पर सवालिया निशान एक बहुत बड़ी समस्या है. ऐसा न हो कि इसकी वजह से भारतीय लोकतंत्र के इस अंतिम गढ़ की प्रतिष्ठा धूमिल हो जाए. अन्य दो संस्थाएं, विधायिका और नौकरशाही तो पहले से ही कमज़ोर हो चुकी हैं.

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कुलपति और बदहाल उच्‍च शिक्षा

जदयू सांसद शिवानंद तिवारी की हाल ही में की गई टिप्पणी, जिसमें वह कहते हैं कि बिहार में कुलपतियों की नियुक्तियां संदेह के घेरे में रही हैं. इसलिए विश्वविद्यालय के शैक्षणिक माहौल को सुधारने के लिए कुलपतियों की चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता आवश्यक है, बताती है कि उच्च शिक्षा की वर्तमान हालत क्या है.

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दिल्‍ली का बाबूः बाबुओं की भाषा से पीएम ना़खुश

चौतऱफा दबाव से घिरी सरकार के लिए बेतरतीब ढंग से बने कैबिनेट नोट्‌स कोई बहुत बड़ा मामला नहीं हो सकता, लेकिन पूर्व शिक्षाविद्‌ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के लिए यह मामला महत्वपूर्ण है. वह इसे उच्च प्राथमिकता देते नज़र आ रहे हैं.

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