सूचना क़ानून: कुछ अहम सवाल

सूचना कौन देगा

सभी सरकारी विभागों के एक या एक से अधिक अधिकारियों को लोक सूचना अधिकारी नियुक्त किया गया है. आपको अपना आवेदन उनके पास ही जमा कराना है. यह उनकी ज़िम्मेदारी है कि वे आपके द्वारा मांगी गई सूचना विभाग की विभिन्न शाखाओं से इकट्ठा करके आप तक पहुंचाएं.

Read more

जब पीआईओ सूचना न दे

एक आरटीआई आवेदक के लिए सबसे बड़ी समस्या होती है सूचना का न मिलना, ग़लत सूचना मिलना या आधी-अधूरी सूचना मिलना. ज़ाहिर है, इसके पीछे लोक सूचना अधिकारी यानी पीआईओ की लापरवाही या जानबूझ कर सूचना न देने की मंशा होती है. कई बार आवेदकों को परेशान करने के लिए भी ऐसा किया जाता है.

Read more

आरटीआई के रक्षक या कुछ और…

सूचना क़ानून को लागू हुए 6 साल हो गए और इस बीच इसने कई उतार-चढ़ाव देखे. संशोधन की मार से बचते हुए भी इस क़ानून पर पीआईओ (लोक सूचना अधिकारियों) और सूचना आयुक्तों की टेढ़ी नज़र से गुजरना पड़ा.

Read more

घूस को मारिए घूंसा

चौथी दुनिया सूचना का अधिकार क़ानून अभियान के ज़रिए अपने पाठकों को बता रहा है कि कैसे आरटीआई क़ानून का इस्तेमाल कर आम आदमी भ्रष्ट तंत्र पर नकेल कस सकता है. कैसे यह क़ानून आम आदमी की रोज़मर्रा की समस्याओं (सरकारी दफ़्तरों से संबंधित) का समाधान निकाल सकता है.

Read more

सवाल पूछो, ज़िंदगी बदलो

चौथी दुनिया ने पिछले अंक से अपने पाठकों एवं आम लोगों तक सूचना का अधिकार क़ानून की जानकारी पहुंचाने के रूप में एक नई पहल की है. चौथी दुनिया आपको देगा वह ताक़त, जिससे आप पूछ सकेंगे सही सवाल.

Read more

जानने का अधिकार, जीने का अधिकार

चौथी दुनिया ने अपने पाठकों एवं आम लोगों के लिए एक नई पहल की है. इस कॉलम के जरिए हम आपको बताएंगे कि आखिर क्या है सूचना का अधिकार कानून. कैसे आप इस कानून का इस्तेमाल कर बदल सकते हैं अपनी जिंदगी और सिखा सकते हैं भ्रष्ट अधिकारियों एवं जन प्रतिनिधियों को सबक.

Read more