सम्मान के बहाने अंतर्विरोधों पर ऩजर

उम्र के नब्बे पड़ाव पार कर चुकी लेखिका कृष्णा सोबती जी को ज्ञानपीठ पुरस्कार देने का एलान किया गया. ज्ञानपीठ

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विधाओं के विन्यास का सफ़र

वर्ष दो हज़ार चार में जब मेरे समीक्षात्मक लेखों का पहला संग्रह प्रसंगवश छपा था, तब मेरी रुचि का क्षेत्र

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इनसे सीखिए कैसे हो महिला सशक्तिकरण

जब महिलाओं के अधिकारों को लेकर चारों तऱफ हंगामा मचा हुआ है, तो ऐसे में कुछ सवाल ख़डे होते हैं.

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दक्षिण अफ्रीका का आईसीसी टेस्ट चैंपियन बनना तय

बेहतरीन फॉर्म में चल रही दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट टीम ने इस साल टेस्ट चैंपियन बनना तय कर लिया है. पाकिस्तान

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मुझसे पहली सी मोहब्बत मेरी महबूब न मांग

फैज़ अहमद फैज़ अपनी क्रांतिकारी रचनाओं के लिए जाने जाते हैं. नोबेल पुरस्कार के लिए नामित फैज़ अहमद फैज़ पर साम्यवादी होने और इस्लाम के उसूलों के खिला़फ लिखने के भी आरोप लगते रहे. उनका जन्म 11 फरवरी, 1911 को पाकिस्तान के स्यालकोट शहर में हुआ था.

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फिक्की रॉक्स्टार के नाम पर

फिक्की फ्रेम्स एक ऐसा अंतरराष्ट्रीय समारोह है, जो मीडिया और एंटरटेनमेंट जगत का बहुत महत्वपूर्ण उत्सव बन चुका है. प्रतिवर्ष होने वाले इस उत्सव में फिल्म, टीवी, एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स इत्यादि से जुड़े हुए लगभग सभी छोटे-बड़े आर्टिस्ट शामिल होते हैं. इस वर्ष 14 से 16 मार्च तक हुए तीन दिवसीय इस समारोह में पूरी दुनिया से आए दिग्गजों ने हिस्सा लिया.

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मेसी की हैट्रिक

मेसी इस समय स्पेन के चर्चित क्लब बार्सिलोना से खेलते हैं और उन्हें लगातार तीसरी बार फ़ीफ़ा के सर्वश्रेष्ठ फ़ुटबॉल खिलाड़ी का सम्मान मिला है. उन्होंने इस पुरस्कार की दौड़ में पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो और स्पेन के ज़ावी को पीछे छोड़ा.

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राष्‍ट्रीय वीरता पुरस्‍कार-2011 जज़्बे की कोई उम्र नहीं होती

अगर दिल में बहादुरी का जज़्बा हो तो उम्र की ज़ंजीरें बहुत कमज़ोर हो जाती हैं. राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार-2011 के लिए चयनित नन्हें जांबाज़ों के कारनामे कुछ यही बयां करते हैं. राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार इस बार 24 बच्चों को दिया गया. इनमें कुछ बच्चों को यह पुरस्कार मरणोपरांत दिया गया.

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अश्विन को दिलीप सरदेसाई पुरस्कार

टीम इंडिया के नए चेहरे एवं ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने आते ही धूम मचा दी. उनके प्रदर्शन को देखते हुए, खासकर वेस्टइंडीज के ख़िला़फ घरेलू सीरीज में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए उन्हें दिलीप सरदेसाई पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की गई है.

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पुरस्कार देने की परंपरा बंद हो : राजेंद्र यादव

वरिष्ठ साहित्यकार राजेंद्र यादव ने कहा है कि रचनाकारों को पुरस्कार देने की परंपरा बंद होनी चाहिए, क्योंकि जिस तरह साहित्यकारों को उम्र के आ़खिरी प़डाव पर सम्मान दिए जाते हैं, उनसे यही लगता है कि मानो ये सम्मान उनकी रचनाशीलता के लिए नहीं, बल्कि ब़ढती उम्र में होने वाली बीमारियों में मदद के लिए दिए जाते हैं.

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श्रीलाल शुक्ल हमेशा याद रहेंगे

ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ साहित्यकार श्रीलाल शुक्ल अब हमारे बीच नहीं हैं. उन्हें हाल में ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. बीते 18 अक्टूबर को राज्यपाल बीएल जोशी ने साहित्यकार श्रीलाल शुक्ल को अस्पताल जाकर अपने हाथों से स्मृति चिंह भेंट कर उनका सम्मान किया था.

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अमिताभ का विरोध क्यों?

हमारे देश के सबसे बड़े साहित्यिक पुरस्कार को लेकर विवाद पैदा किया जा रहा है. विवाद और आपत्ति इस बात को लेकर है कि शहरयार और अमरकांत को ज्ञानपीठ पुरस्कार हिंदी फिल्मों के महानायक अमिताभ बच्चन के हाथों दिया गया.

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रिया का आइटम नंबर

इस साल के राष्ट्रीय पुरस्कार घोषणा के बाद से ही विवादों में आ गए. कैटरीना कैफ ने एक नया शिगू़फा छोड़ दिया. उन्होंने आइटम डांस के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार की मांग रख दी. उनका कहना है कि जिस तरह फिल्म के दूसरे पहलुओं के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार दिए जाते हैं

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शारदा सिन्हा: 25 ह़जार का पुरस्कार 27 साल से इंत़जार

मशहूर लोकगीत गायिका पद्मश्री शारदा सिन्हा को बिहार सरकार द्वारा 27 वर्ष पहले घोषित पच्चीस हज़ार रुपये की पुरस्कार राशि का आज तक बेसब्री से इंतज़ार है. सुशासन के नाम पर दूसरी पारी खेलने वाले वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी इस ओर अब तक ध्यान नहीं दिया है.

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ग़ज़लों से दुनिया को संवारने की जुस्तजू

चांद शेरी हिंदी पत्र-पत्रिकाओं में लगातार छपते रहे हैं. उनकी कुछ ग़ज़लें तो विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में इतनी बार छप चुकी हैं कि एक पंक्ति पढ़ते ही पाठक अगला का़फिया ख़ुद पूरा कर देते हैं. ज़र्द पत्ते हरे हो गए, चांद शेरी की लोकप्रिय ग़ज़लों का संकलन है. इसका पहला संस्करण दिसंबर 1999 में प्रकाशित हुआ था. इस पुस्तक पर राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर ने प्रथम प्रकाशित कृति पर दिया जाने वाला सुमनेश जोशी पुरस्कार भी दिया था.

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भारत रत्‍न और सचिन तेंदुलकर

क्रिकेट अगर हिंदुस्तान का धर्म है तो सचिन क्रिकेट की दुनिया के भगवान. ऐसा मानने वालों की कमी नहीं है इस देश में. ज़ाहिर है, एक देश के करोड़ों निराश लोगों को ख़ुशी के जितने पल सचिन रमेश तेंदुलकर ने दिए हैं, उतने शायद किसी ने नहीं.

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नन्हें जज़्बों को सलाम

कहते हैं कि साहस की कोई उम्र नहीं होती, स़िर्फ जिगर हो तो हिम्मतें आ ही जाती हैं. ऐसे ही कुछ जांबाज बच्चों को, जिन्होंने उम्र की सीमा पार करते हुए अपनी जान की बाज़ी लगा कर दूसरों की ज़िंदगी बचाई है, उन्हें राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए चुना गया.

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नेशनल आरटीआई अवार्डः सूचना के सिपाहियों का सम्मान

दिल्ली की एक संस्था पीसीआरएफ ने 2009 में एक अवार्ड की शुरुआत की. मक़सद था उन लोगों की हौसला अफजाई और सम्मान, जिन्होंने अपनी जान की बाज़ी लगाकर भ्रष्टाचार के ख़िला़फ हल्ला बोला, जिन्होंने सूचना क़ानून का इस्तेमाल करके सरकारी व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर किया.

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साल भर में ही टूट गई सड़क

एक तऱफ सरकार चाहती है कि राज्य का हर गांव पक्की सड़कों के माध्यम से ज़िला मुख्यालय से जुड़ जाए, लेकिन दूसरी तरफ उनके ही कुछ अधिकारी लूट खसोट में लिप्त दिख रहे हैं. मामला रोहतास ज़िले में ग्रामीण कार्य विभाग कार्य प्रमंडल, सासाराम द्वारा मुख्य मंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत बनाए गए सेमरा मध्य विद्यालय से पिपरी होते हुए कठडिहरी पथ में हुए अनियमितता की है.

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उदय प्रकाश नहीं थे पहली पसंद

इस वर्ष के साहित्य अकादमी पुरस्कारों का ऐलान हो गया है. हिंदी के लिए इस बार का अकादमी पुरस्कार यशस्वी कथाकार और कवि उदय प्रकाश को उनके उपन्यास मोहनदास (वाणी प्रकाशन, नई दिल्ली) के लिए दिया गया. उदय प्रकाश साहित्य अकादमी पुरस्कार डिज़र्व करते हैं, बल्कि उन्हें तो अरुण कमल, राजेश जोशी और ज्ञानेन्द्रपति से पहले ही यह सम्मान मिल जाना चाहिए था.

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लक्ष्मण राव: चाय वाला लेखक

लिखने, पढ़ने और देश-समाज के बारे में चिंतन-मनन करने के लिए वातानुकूलित घर-कमरा होना ज़रूरी नहीं है. कमोबेश यही साबित किया है दिल्ली के एक फुटपाथ पर चाय बेचने वाले लक्ष्मण राव ने, जो अब तक डेढ़ दर्जन से ज़्यादा कृतियों की रचना कर चुके हैं.

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विद्या का पैशन

विज्ञापन की दुनिया से फिल्मों में प्रवेश करने वाली विद्या बालन बॉलीवुड की स्थापित अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं. उन्होंने समाजशास्त्र में स्नातक डिग्री हासिल करने के बाद कई फिल्मों, वीडियो एवं विज्ञापनों में काम किया.

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पुरस्कारों का खेल

अभी कुछ अरसा पहले डाक से एक बेहद दिलचस्प पत्र प्राप्त हुआ. मध्य प्रदेश से लिखा गया यह खत एक परिपत्र की शक्ल में था, जो एक साथ तक़रीबन कई लेखकों-पत्रकारों को भेजा गया प्रतीत होता है. दिलचस्प इसलिए था कि उसमें इस बात का प्रस्ताव दिया गया था कि अगर आप अमुक पुरस्कार पाना चाहते हैं तो सौ रुपये के डिमांड ड्राफ्ट और अपनी किताब की दो प्रतियों के साथ प्रविष्टि भेजें.

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थूको और पुरस्कार पाओ

अमेरिका में एक दंपत्ति बहुत दूर तक थूकने के लिए मशहूर है. दूर तक थूकने वाली प्रतियोगिता में वह कई बार विजेता भी बन चुका है. यह एक ऐसा अनोखा मुक़ाबला है, जिसके बारे में सुनकर आप हैरान रह जाएंगे. सोचने पर मजबूर हो जाएंगे कि क्या ऐसी भी प्रतियोगिताएं होती हैं.

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इफ्फी की ऑस्‍कर को टक्‍कर

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया को कान और ऑस्कर जैसे समारोहों के स्तर पर आयोजित करने का मन बना रहा है. ऐसा हुआ तो स़िर्फ बॉलीवुड ही नहीं, हॉलीवुड और दुनिया के दूसरे देशों के कलाकार एवं फिल्में भी इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल पुरस्कारों के लिए जद्दोजहद करते दिखेंगे.

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शीला दीक्षित, श्‍लाका और छीछालेदार

हिंदी के वरिष्ठ और बेहद प्रतिष्ठित लेखक कृष्ण बलदेव वैद के अपमान का संगीन इल्ज़ाम झेल रही दिल्ली की हिंदी अकादमी ने आख़िरकार अपना पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित कर ही लिया, लेकिन इस बार के समारोह में भव्यता और लोगों की सहभागिता नदारद थी. राजधानी के किसी बड़े ऑडिटोरियम में आयोजित होने वाला अकादमी का यह सालाना समारोह इस बार दिल्ली सचिवालय के एक कमरे में आयोजित हुआ.

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गडकरी जी, अध्‍यक्ष की तरह दिखिए

देश की मुख्य विपक्षी पार्टी के नेता का कद किसी उद्योगपति की पत्नी से छोटा हो गया है? भारतीय जनता पार्टी के नए अध्यक्ष नितिन गडकरी आईपीएल के मुंबई और चंडीगढ़ की टीम के मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में मौजूद थे. मंच पर और भी लोग थे. जो सबसे प्रमुख अवार्ड था, उसे मिसेज मुकेश अंबानी के हाथों दिया गया और गडकरी के हाथों एक छोटा अवार्ड दिलाया गया.

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अनुवाद से जगती उम्मीदें

हिंदी में अनुवाद की हालत बेहद ख़राब है. जो अनुवाद हो भी रहे हैं, वे बहुधा स्तरीय नहीं होते हैं. अनुवाद इस तरह से किए जाते हैं कि मूल लेखन की आत्मा कराह उठती है. हिंदी के लेखकों में अनुवाद को लेकर बहुत उत्साह भी नहीं है. अमूनन अनुवाद में लेखक तभी जुटते हैं, जब उनके पास या तो काम कम होता है या नहीं होता है.

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हिंदी अकादमी कांग्रेसी नेता ने विवाद शुरू कराया

हिंदी में साहित्यिक पुरस्कारों की स्थिति बेहद ख़राब है. पुरस्कारों की विश्वसनीयता और उसके दिए जाने के तरीक़े को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं. हालात तो यहां तक पहुंच गए हैं कि साहित्य अकादमी पुरस्कारों की साख पर भी बट्टा लगा है. लेकिन ताज़ा विवाद दिल्ली की हिंदी अकादमी के श्लाका सम्मान को लेकर उठा है.

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यह आत्ममंथन का व़क्त है

साहित्य अकादमी के पुरस्कार वितरण समारोह में कुछ हिंदू संगठनों के विरोध से साहित्यिक जगत में तू़फान उठ खड़ा हुआ है. प्रगतिवाद और जनवाद के तथाकथित ठेकेदार इसे लेखकीय अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर भगवा हमला करार दे रहे हैं. इन बयानवीर जनवादियों को समारोह के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन में फासीवाद की आहट भी सुनाई दे रही है, लेकिन किसी भी विरोध पर हल्ला मचाने वाले उक्त प्रगतिवादी लेखक यह भूल जाते हैं कि विरोध और विवाद के पीछे की वजह क्या है.

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