असफल वित्त मंत्री सक्रिय राष्‍ट्रपति

वर्ष 2008 में ग्लोबल इकोनॉमी स्लो डाउन (वैश्विक मंदी) आया. उस समय वित्त मंत्री पी चिदंबरम थे. हिंदुस्तान में सेंसेक्स टूट गया था, लेकिन आम भावना यह थी कि इस मंदी का हिंदुस्तान में कोई असर नहीं होने वाला है. उन दिनों टाटा वग़ैरह का प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा था और एक धारणा यह बनी कि भारतीय अर्थव्यवस्था को विश्व की अर्थव्यवस्था की ज़रूरत नहीं है.

Read more

मोदी से सब डरते हैं : महेश भट्ट

दिल किसी पर क्यों यक़ीन करता है, इसका जवाब देना बहुत मुश्किल है. संजीव की बातों पर यक़ीन इसलिए है, क्योंकि गुजरात में उनके साथ जो हो रहा है, वह पहली बार नहीं हुआ और न आख़िरी बार होगा. 2002 के बाद हमने भाजपा की एलिमीनेशन पॉलिसी देखी है, जिसके द्वारा वहां हर उस व्यक्ति को टारगेट किया जाता है, जो नरेंद्र मोदी के विरुद्ध बोलने का साहस करता है.

Read more