हम अपनी बात पर क़ायम हैं

कोयले की कहानी कोयले की तरह और काली होती जा रही है. जब चौथी दुनिया ने 25 अप्रैल-1 मई 2011 के अंक में 26 लाख करोड़ का महाघोटाला शीर्षक से कहानी छापी तो हमें लगा कि हमने एक कर्तव्य पूरा किया, क्योंकि जनता के प्रतिनिधियों, सरकार बनाने वाले प्रतिनिधियों ने हिंदुस्तान के लोगों की गाढ़ी कमाई का पैसा कुछ लोगों की जेब में डाल दिया और उसमें से कुछ पैसा उनकी जेब में भी गया.

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रूस : पुतिन की वापसी

रूस की जनता ने ब्लादिमीर पुतिन को अपना राष्ट्रपति चुना है. विगत चार मार्च को रूस में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव कराए गए, जिसमें पुतिन को लगभग 64 फीसदी मत मिले. उनके विरोधियों में से किसी ने बीस प्रतिशत मत नहीं पाए. कम्युनिस्ट पार्टी के उम्मीदवार गेन्नादी ज्युगानोव को लगभग 18 फीसदी मत मिले, जबकि अन्य उम्मीदवार दहाई के अंक तक नहीं पहुंच सके. रूस के एक बड़े उद्योगपति मिखाइल प्रोखोरोव को लगभग 7.9 फीसदी मत मिले.

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बुंदेलखंड : फ़रमानों से निजात

दस्युओं के परिवारीजन विधानसभा चुनाव में हिस्सा तो ले रहे हैं, लेकिन उनकी गतिविधियां स़िर्फ अपने तक सीमित रह गई हैं. जिन बाहुबलियों को अपने आक़ा पर नाज़ हुआ करता था, वे भी जनता के बीच से नदारद दिख रहे हैं, क्योंकि दस्यु सम्राटों का खात्मा हो चुका है.

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क्या छत्तीसग़ढ में लोकतंत्र नहीं है

दिल्ली के उन नेताओं को धन्यवाद देना चाहिए, जो पत्रकारिता जगत का नेतृत्व करते हैं. इनके लिए सारा देश दिल्ली है. अगर दिल्ली में किसी अख़बार के साथ कुछ ग़लत हो तो इनके लिए बहुत बड़ा सवाल बन जाता है. अगर किसी पत्रकार के साथ कुछ हो तो और भी बड़ा सवाल बन जाता है.

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खुद को मसीहा समझते हैं जन प्रतिनिधि

असम में विधायकों के निवास पर ग्रामीणों की भीड़ सहज ही देखी जा सकती है. पार्टी के कैडर प्रत्येक आगंतुक की व़फादारी की जांच करते हैं, फिर उसके आवेदन को आगे बढ़ाने की स़िफारिश करते हैं. यह ग्रामीण असम का चिर परिचित मंजर है.

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