ज़िंदा रहने पर सवाल, कान्हा टाइगर रिज़र्व से बैगा जनजाति का विस्थापन

बैगा जनजाति आदिम जनजातियों में से एक है. यह मध्य प्रदेश की तीसरी बड़ी जनजाति है. 9 अगस्त,2012 से इस

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गृहमंत्री का उतावलापन नक्सल प्रभावित ज़िला घोषित कराने की असलियत

सूबे के जो ज़िले नक्सल प्रभावित नहीं भी हैं, उन्हें जबरन और साजिशन नक्सल प्रभावित घोषित कराने की कवायद ने

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सतयुग के स्‍नान कुण्‍ड मिलने का दावा

वेद- पुराणों में वर्णित नर्मदा की महिमा के वास्तविक प्रमाण आज भी नदी के अलग-अलग तट पर उपलब्ध हैं. मध्य प्रदेश का आदिवासी ज़िला मंडला उद्गम के बाद नर्मदा के प्रथम विश्राम का स्थल माना जाता है.

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आदिवासी पुरा संपदा अनदेखी कब तक

प्राचीन और ऐतिहासिक महत्व की संपदा को संभालने में राज्य सरकार पूरी तरह अक्षम और लापरवाह है. मंडला जिले में नौवी शताब्दी से आज तक कई ऐसी पुरातात्विक महत्व की चीजों को की हालत देखकर तो यही कहा जा सकता है.

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कछारी गांव जहां हर शख्‍स बहरा है

कहते हैं कि भारत चमत्कारों का देश है. यहां ऐसे-ऐसे आश्चर्यजनक, अजब-ग़जब और अद्‌भुत समाचार मिल जाते हैं, जो और कहीं नही मिलते. पर कभी-कभी कुछ समाचार ऐसे होते हैं कि विश्वास ही नहीं होता कि हम 21वीं सदी में जी रहे हैं. कछारी गांव इसका जीगता-जागता उदाहरण है.

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