मध्य प्रदेश : क्या सिंधिया मध्य प्रदेश कांग्रेस की कमान संभाल पाएंगे?

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों में दो बार भाजपा से पटखनी खाने वाली कांग्रेस पार्टी भीतर की गुटबाजियों से निजात पाकर

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जनतंत्र यात्रा : सरकार को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे : अन्ना

अन्ना हज़ारे की जनतंत्र यात्रा का चौथा चरण बीते 5 जुलाई को मध्य प्रदेश के रीवा से शुरू हुआ, जहां

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जनतंत्र मोर्चा पहला कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर संपन्न

प्रख्यात गांधीवादी एवं सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हज़ारे ने बीते 9 जून को ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन में जनतंत्र मोर्चा द्वारा

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वी सी शुक्ल मिलनसार शख्स और कुशल राजनीतिज्ञ थे

नक्सली हमले में गंभीर रूप से घायल हुए वयोवृद्ध कांग्रेसी नेता विद्याचरण शुक्ल का पिछले दिनों निधन हो गया. वह

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जब तोप मुकाबिल हो : सेना रायसीना हिल्स तक जा सकती है

छत्तीसगढ़ में बहुत बड़ी घटना हो गई. कांगे्रस के काफिले पर गोली का चलना, लगभग 29 लोगों का मारा जाना,

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मध्‍य प्रदेश: पुलिस बर्बरता के शिकार हुए किसान

भूमि अधिग्रहण के लिए सरकार भले ही एक मज़बूत क़ानून बनाने की बात कर रही हो, लेकिन सच्चाई इसके विपरीत है. यही वजह है कि देश की सभी राजनीतिक पार्टियां किसानों और मज़दूरों के हितों की अनदेखी करते हुए निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने में जुटी हैं. बात चाहे कांग्रेस शासित महाराष्ट्र की हो या फिर भाजपा शासित मध्य प्रदेश की, हालात कमोबेश एक जैसी ही हैं.

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सेहत से खिलवाड़

भारत दवाओं का एक ब़डा बाज़ार है. यहां बिकने वाली तक़रीबन 60 हज़ार ब्रांडेड दवाओं में महज़ कुछ ही जीवनरक्षक हैं. बाक़ी दवाओं में ग़ैर ज़रूरी और प्रतिबंधित भी शामिल होती हैं. ये दवाएं विकल्प के तौर पर या फिर प्रभावी दवाओं के साथ मरीज़ों को ग़ैर जरूरी रूप से दी जाती हैं. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के लिए गठित संसद की स्थायी समिति की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, दवाओं के साइड इफेक्ट की वजह से जिन दवाओं पर अमेरिका, ब्रिटेन सहित कई यूरोपीय देशों में प्रतिबंधित लगा हुआ है, उन्हें भारत में खुलेआम बेचा जा रहा है.

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दिल्‍ली का बाबूः मध्य प्रदेश के भ्रष्ट बाबू

ऐसा लगता है कि बाबा रामदेव भ्रष्टाचार विरोधी अपनी यात्रा के तीसरे चरण में मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश जाएंगे. मध्य प्रदेश में आजकल भ्रष्टाचार के नए-नए मामले निकल कर आ रहे हैं. मध्य प्रदेश कैडर के अधिकारियों की संपत्ति की जांच हो रही है.

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मध्य प्रदेश : क़ानून से खिलवाड़

आईपीएस अधिकारी नरेंद्र कुमार की हत्या के बाद मध्य प्रदेश का मुरैना जिला सुर्खियों में आ गया था. लोगों में डर व्याप्त हो गया कि अगर एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की हत्या हो सकती है, तो फिर राज्य की क़ानून व्यवस्था का भगवान ही मालिक है.

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श्रमिकों की जिंदगी से खिलवाड़

मध्य प्रदेश का कटनी ज़िला भारत के भौगोलिक केंद्र में स्थित होने के कारण बेशक़ीमती खनिज संपदा के प्रचुर भंडारण सहित जल संपदा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है. यही वजह है कि स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) द्वारा अपने इस्पात उद्योगों हेतु आवश्यक गुणवत्ता पूर्ण कच्चे माल के तौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले चूना पत्थर (लाईम स्टोन) की खदानें यहां के ग्राम कुटेश्वर में स्थापित की गई थीं.

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मध्‍य प्रदेशः यहां भी है माइनिंग का महाघोटाला

जल, जंगल, ज़मीन और आसमान. ऐसी कोई जगह नहीं जो घोटालेबाज़ों की गिद्ध दृष्टि से बची हो. प्राकृतिक संसाधनों की लूट के इस खेल में सरकार, विपक्ष, पूंजीपतियों समेत हर वह आदमी शामिल है जिसके संबंध सत्ता में बैठे लोगों से हैं और जिनके पास धनबल, बाहुबल है. कर्नाटक, उ़डीसा, झारखंड, गोवा और अब मध्य प्रदेश.

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मध्‍य प्रदेशः वेलस्‍पन कंपनी का कारनामा- देश में कितने और सिंगुर बनेंगे

विकास के नाम पर आ़खिर कब तक किसानों और मज़दूरों को उनके हक़ से वंचित किया जाएगा? सेज, नंदीग्राम, सिंगुर, जैतापुर, फेहरिस्त लंबी है और लगातार लंबी होती जा रही है. इसी क़डी में एक और नाम जु़ड गया है वेलस्पन का. मध्य प्रदेश के कटनी ज़िले में वेलस्पन कंपनी के प्रस्तावित पावर प्लांट की स्थापना हेतु ज़िले की बरही एवं विजयराघवगढ़ तहसीलों के गांव बुजबुजा व डोकरिया के किसानों की लगभग 237.22 हेक्टेयर भूमि का शासन द्वारा अधिग्रहण किए जाने की खबर है.

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मंत्री जी, किसान पागल नहीं हैं

देश की किसी भी संवेदनशील राज्य सरकार के लिए यह कितनी शर्मनाक और हक़ीक़त से मुंह चुराने वाली स्थिति है कि वह प्रदेश में एक के बाद एक मरने वाले किसानों को पागल क़रार देने की हठधर्मिता पर उतर आए और किसानों की आत्महत्याओं को पापों का प्रतिफल बताए.

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मध्‍य प्रदेशः विकास के नाम पर लूटखसोट

आज देश ही नहीं, दुनिया भर में विकास की मौजूदा अवधारणा, दिशा और प्रक्रिया एवं उसके नतीजों को प्रकृति, पर्यावरण तथा आम जन विरोधी साबित करते हुए उन पर गंभीर सवालिया निशान खड़े किए जा रहे हैं.

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अल्पसंख्यक आयोग के प्रति सरकारों की बेरुख़ी

मध्य प्रदेश राज्य अल्पसंख्यक आयोग के सभी काम अर्से से रुके पड़े हैं. शिक़ायतें और मामले दर्ज होना सभी कुछ बंद है. शिक़ायतें अगर दर्ज भी हो रही हैं तो उनका निराकरण व़क्त पर नहीं हो पा रहा है. शिक़ायती आवेदनपत्र तो किसी तरह जमा हो जाते हैं, लेकिन उनके निराकरण के लिए बेंच गठित करने और उन पर फैसला लेने का काम फिलवक्त बंद है.

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सरकारी अमला कर रहा है बाघों का शिकार

भारत में टाइगर स्टेट का दर्जा प्राप्त मध्य प्रदेश में बाघों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा हैं. खुले वनों में मौजूद बाघों का अवैध शिकार इस बुरी तरह हो रहा है कि अब कई वनक्षेत्र पूरी तरह से बाघ रहित हो चुके हैं, लेकिन आश्चर्य इस बात का है कि सरकार द्वारा संरक्षित राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यप्राणी अभ्यारण्यों में भी बाघों की मौत आये दिन हो रही है.

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युवक ने किन्नर से शादी की

कहावत है, दिल आया गधी पर, तो परी क्या चीज़ है. मोहब्बत के आगे हर दीवार छोटी पड़ जाती है. इसे एक बार फिर साबित किया है मध्य प्रदेश के होशंगाबाद ज़िले के एक युवक ने. उसने एक किन्नर के साथ सात फेरे लिए और शादी के पवित्र बंधन में बंध गया.

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वनवासियों का त्रासद विस्‍थापनः कोई कुनो की सुनो

उत्तर पश्चिम मध्य प्रदेश के शिवपुरी ज़िले में है कुनो पालपुर अभयारण्य. यह ग्वालियर से लगभग 120 किमी दूर है. यहां एक अभयारण्य बनाने और उसमें गुजरात के गीर जंगल के पांच से आठ एशियाटिक शेरों को रखने के लिए 1650 परिवारों (करीब 5,000 लोगों) वाले लगभग 28 गांवों को विस्थापित कर जंगल से बाहर बसा दिया गया.

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सार-संक्षेप : रीवा में फिर बसेगा स़फेद बाघ

दुनिया में स़फेद बाघ, रीवा की ही देन है, लेकिन मध्य प्रदेश के वन्यप्राणी संरक्षण और वन प्रबंधन कार्यक्रमों की खामियों के कारण अब सफेद बाघ अपनी जन्मभूमि में ही अस्तित्वहीन हो चुका हैं, लेकिन चार दशक बाद अब एक बार फिर सफेद बाघ को रीवा में बसाने के लिए भारत सरकार और राज्य सरकार तैयारी कर रही हैं.

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सम्‍पन्‍न हैं फिर भी लाचार हैं

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मध्य प्रदेश की माटी के सपूत हैं. वह राज्य का विकास और भला करना चाहते हैं. उनकी इस सदविचार इच्छा पर संदेह नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन शिवराज सिंह में न तो ज़्यादा समझ है और न ही वे समझना चाहते हैं.

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अवैध खनन के लिए नक्‍सली डर पैदा करने की कोशिश

कटनी ज़िले में नक्सलियों की उपस्थिति का दावा नहीं किया जा सकता है, यह भी नहीं कहा जा सकता है कि भविष्य में इस ज़िले में नक्सली अपनी धमक दे सकते हैं. हालांकि मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा किए गए दावों पर भरोसा किया जाए तो कटनी नक्सलियों के लिए राज्य में पहली पसंदीदा जगह है.

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राजाभोज के नाम पर दुकानदारी

मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार अपने हिन्दू एजेंडे के नाम पर केवल हल्ला मचाना और तमाशा करना जानती है. इसे न तो हिन्दुत्व से कोई सरोकार है और न ही इसे प्राचीन सांस्कृतिक गौरव की कोई समझ है. इस वर्ष प्रतापी राजाभोज के राज्यारोहण का एक हजारवां वर्ष है. उत्सव प्रिय मध्य प्रदेश सरकार ने राजाभोज का राज्यारोहण समारोह मनाना तय किया है.

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गोंडवाना राज्य की मांग फिर बुलंद

पृथक गोंडवाना राज्य के गठन की मांग एक बार फिर बुलंद हुई है. हाल ही भोपाल में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के संस्थापक, अध्यक्ष हीरासिंह मरकाम ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों की एक सभा में इस मांग को उठाते हुए एलान किया कि इस वर्ष एक नवंबर से पंचायत स्तर ……………………….

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