मरती नदियां, उजड़ता बुंदेलखंड

चंबल, नर्मदा, यमुना और टोंस आदि नदियों की सीमाओं में बसने वाला क्षेत्र बुंदेलखंड तेज़ी से रेगिस्तान बनने की दिशा में अग्रसर है. केन और बेतवा को जोड़कर इस क्षेत्र में पानी लाने की योजना मुश्किलों में फंस गई है. जो चंदेलकालीन हज़ारों तालाब बुंदेलखंड के भूगर्भ जल स्रोतों को मज़बूती प्रदान करते थे, वे पिछले दो दशकों के दौरान भू-मा़फिया की भेंट चढ़ गए हैं.

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भारत-बांग्‍लादेश सीमाः मवेशियों की तस्‍करी और जाली नोटों का धंधा

तस्करों के लिए बांग्लादेश जाकर मवेशियों को बेचना फायदे का सौदा बन गया है. वहां मवेशियों की ऊंची क़ीमत मिलती है. असम की बराक घाटी के रास्ते बांग्लादेश के भीतर बड़े पैमाने पर मवेशियों की तस्करी जारी है. सीमा सुरक्षाबल के सूत्रों का कहना है कि बांग्लादेश में भारत के मवेशियों की काफी मांग है. कालीगंज, काबूगंज, चिरागी और सीलटेक के बाज़ारों में नियमित रूप से मवेशियों की बिक्री की जाती है.

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