मेवात का सामाजिक-आर्थिक परिवेश और तबलीगी जमात

मेवात इलाक़े में अधिकतर ज़मीनों पर खेती मियो किसान ही करते थे, लेकिन कुछ चौधरियों (स्थानीय समुदायों के नेताओं) को छोड़कर बड़े जमींदारों में उनकी गिनती नहीं थी. अधिकांश मियो छोटे किसान ही थे और ग़रीबी की हालत में जीते थे. (गिब्सन 1909:13) ज़मीन की उत्पादकता कम थी, वहीं आधुनिक सिंचाई सुविधाओं का भी नितांत अभाव था.

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