पूर्वी चंपारणः महात्‍मा गांधी केंद्रीय विश्‍वविद्यालय, जनसंघर्ष और नेतागिरी

संघर्ष ज़मीन तैयार करता है और फिर उसी ज़मीन पर नेता अपनी राजनीतिक फसल उगाते हैं. कुछ ऐसा ही हो रहा है मोतिहारी में महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए बने संघर्ष मोर्चा के साथ. चंपारण की जनता केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए दिन-रात एक करके संघर्ष करती है और जब दिल्ली आती है अपनी बात केंद्र तक पहुंचाने, तो वहां मंच पर मिलते हैं बिहार के वे सारे सांसद, जो संसद में तो इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोलते, लेकिन जनता के बीच भाषणबाज़ी का मौक़ा भी नहीं छोड़ते.

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केरलः असल मुद्दे गुम, चावल हावी

केरल की राजनीति देश के बाक़ी राज्यों की राजनीति से थोड़ी अलग है. ऐसा इसलिए है, क्योंकि केरल देश का सबसे समृद्ध और सामाजिक रूप से विकसित राज्य है, लेकिन पिछले दशकों की अपेक्षा अब केरल की स्थिति बिगड़ती जा रही है. राजनीति अब चावल की राजनीति बनकर रह गई है. कांग्रेस गठबंधन एक रुपये किलो चावल देने का वादा कर रहा है, क्योंकि उसके विरोधी वामपंथी एलडीएफ ने ढाई रुपये किलो चावल देने की बात की है.

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