गणतंत्र दिवस और पद्म पुरस्कारों का विवाद

उदासी की कई वजहों के चलते मौलाना आज़ाद का ख़्याल अक्सर मेरे जेहन में आता है. हम उनकी यादों को नज़रअंदाज़ करते हैं. इसकी दुखद मिसाल दिल्ली की जामा मस्जिद के पास उर्दू पार्क में दिख जाती है. यह बेहद दयनीय स्थिति है कि हम उस निराश बहादुर शाह ज़फ़र को आदर्श मानते हैं, जिसने भारतीय साम्राज्य को अंग्रेज़ों के हाथों गंवा दिया.

Read more