जैविक खेती से किसानों को मिली नई ज़िन्दगी

ऐसे दौर में जब भारत के विभिन्न क्षेत्रों के किसान तरह-तरह की समस्याओं से परेशान होकर आत्महत्या करने के लिए

Read more

मृत्यु प्रमाण-पत्र के लिए दर-दर भटक रहे लोग

केदारनाथ आपदा के दौरान लापता लोगों के मृत्यु प्रमाण-पत्र के लिए उनके परिवारीजनों को एक वर्ष बाद भी दर-दर भटकना

Read more

साल 2013 का साहित्यिक लेखा-जोखा

साल 2013 तमाम साहित्यिकगतिविधियों से भरा हुआ रहा. बिल्कुल प्रारम्भ में ही जयपुर लिटरेरी फेस्टिवल के दौरान आशीष नन्दी महज़

Read more

सूचना तकनीक की देन : हाईटेक होते गांव

राजस्थान के शेखावटी क्षेत्र में सरकार के प्रयासों से इतर मोरारका फाउंडेशन ने सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से लोगों के

Read more

लैक्मे फैशन वीक-2013 : मनीष मल्होत्रा के रिफ्लेक्शन कलेक्शन की धूम

मनीष मल्होत्रा के रिफ्लेक्शन कलेक्शन को पेश करने के लिए बॉलीवुड सेलेब्रिटीज रैंप पर उतरीं. इनमें मनीष की खास दोस्त

Read more

राजस्थान में कौन करेगा राज

राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और भाजपा में सीधी टक्कर होगी. इसके लिए दोनों पार्टियों के  आलाकमान अपने-अपने दांव चल

Read more

तेलंगाना के बहाने फिर उठी पृथक राज्यों की मांग

2014 के आम चुनाव क़रीब हैं. सत्ताधारी कांग्रेस ने महज़ राजनीतिक हितों की पूर्ति के लिए वर्षों से चले आ

Read more

जनतंत्र मोर्चा पहला कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर संपन्न

प्रख्यात गांधीवादी एवं सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हज़ारे ने बीते 9 जून को ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन में जनतंत्र मोर्चा द्वारा

Read more

समस्या का समाधान खोजने की ज़रूरत

छत्तीसगढ़ नरसंहार और आईपीएल मैचों में सट्टेबाजी एवं फिक्सिंग की ख़बरें जनसामान्य में चर्चा का विषय बनी हुई हैं. ऐसी

Read more

श्रेया घोषाल ने कहा ….. आइटम के बहाने अशलील गाने कभी नही गाउगी

कोई भी इंसान सफल तभी होता है, जब वह समय और परिस्थितियों के मुताबिक खुद को ढाल लेता है. सुरों

Read more

सीमेंट फैक्ट्रियों के लिए भूमि अधिग्रहणः खूनी मैदान में तब्‍दील हो सकता है नवलगढ़

करीब पांच दशक पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने 2 अक्टूबर, 1959 को जिस राजस्थान के नागौर ज़िले में पंचायती राज का शुभारंभ किया था, उसी सूबे की पंचायतों और ग्राम सभाओं की उपेक्षा होना यह साबित करता है कि ग्राम स्वराज का जो सपना महात्मा गांधी और डॉक्टर राम मनोहर लोहिया ने देखा था, वह आज़ादी के 65 वर्षों बाद भी साकार नहीं हो सका.

Read more

शेखावटी- जैविक खेती : …और कारवां बनता जा रहा है

पंजाब में नहरों का जाल है. गुजरात और महाराष्ट्र विकसित राज्य की श्रेणी में हैं. बावजूद इसके यहां के किसानों को आत्महत्या करनी प़डती है. इसके मुक़ाबले राजस्थान का शेखावाटी एक कम विकसित क्षेत्र है. पानी की कमी और रेतीली ज़मीन होने के बाद भी यहां के किसानों को देखकर एक आम आदमी के मन में भी खेती का पेशा अपनाने की इच्छा जागृत होती है, तो इसके पीछे ज़रूर कोई न कोई ठोस वजह होगी. आखिर क्या है वह वजह, जानिए इस रिपोर्ट में:

Read more

राजस्‍थान का नंदीग्राम नवलगढ़ : सीमेंट फैक्‍ट्री के लिए भूमि अधिग्रहण

बिन पानी सब सून. राजस्थान के अर्द्ध मरुस्थलीय इलाक़े शेखावाटी की हालत कुछ ऐसी ही है. यहां के किसानों को बोरवेल लगाने की अनुमति नहीं है. भू-जल स्तर में कमी का खतरा बताकर सरकार उन्हें ऐसा करने से रोकती है. दूसरी ओर राजस्थान सरकार ने अकेले झुंझुनू के नवलगढ़ में तीन सीमेंट फैक्ट्रियां लगाने की अनुमति दे दी है. इसमें बिड़ला की अल्ट्राटेक और बांगड़ ग्रुप की श्री सीमेंट कंपनी शामिल है.

Read more

राजस्‍थान में मौत का पुल

न जांच, न कोई बातचीत सबसे पहले क्लीनचिट. लगता है सरकार ने ग़रीबों की लाशों पर भी निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने की नीति बना ली है. जब भी विवाद अमीर और ग़रीब के बीच का होता है, तो पूरी सत्ता अमीर के साथ खड़ी हो जाती है. ग़रीब मरते हैं तो सरकार को अ़फसोस नहीं होता. उसकी सुध लेने वाला कोई नहीं होता. एक निर्माणाधीन पुल ताश के पत्तों की तरह गिर जाता है. सौ से ज़्यादा लोग इसकी चपेट में आ जाते हैं. जांच का आदेश दे दिया जाता है, लेकिन जांच रिपोर्ट आने से पहले ही पुल बनाने वाली कंपनियों को देश के आलाधिकारी क्लीन चिट दे देते हैं.

Read more

कुंभलगढ नेशनल पार्क : फ़िक्र जानवरों की, आदिवासियों की नहीं

राजस्थान में केंद्र सरकार और राज्य सरकार ने हज़ारों लोगों को विस्थापित करने की पूरी तैयारी कर ली है. इस बार विस्थापन का यह खेल किसी उद्योगपति को काऱखाना लगाने के नाम पर ज़मीन मुहैया कराने के लिए नहीं खेला जा रहा. दरअसल,एक उद्यान का दायरा बढ़ाकर उसे राष्ट्रीय उद्यान (नेशनल पार्क) बनाने की ख़ातिर आदिवासियों को उनके घरों से खदेड़ने का फरमान जारी कर दिया गया है.

Read more

दिल्ली का बाबू : राजस्थान के बाबुओं की परेशानी

राजस्थान के बाबुओं के लिए फिज़ूल़खर्ची अब महंगी पड़ सकती है. पहले तो उनके विदेश जाने को लेकर सरकार ने रु़ख कड़ा कर दिया है. सरकार चाहती है कि बाबू अपने पहले के यात्रा खर्च का विवरण देने के बाद ही आगे विदेश यात्रा करेंगे. यही नहीं सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव सीके मैथ्यु ने एक सर्कुलर निकाला है, जिसमें इस बात का ज़िक्र किया गया है कि बाबुओं को क्या करना है और क्या नहीं करना है.

Read more