अन्य देशों के मुकाबले : कितना मजबूत है आईएसआईएस

दुनिया के सबसे खूंखार आतंकी संगठन आईएसआईएस पर अमेरिका समेत कई देशों ने हमले शुरू कर  दिए हैं. ये सभी

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नरेंद्र भूषण संयुक्त सचिव बनेंगे

1992 बैच के आईएएस अधिकारी नरेंद्र भूषण को कृषि एवं सहकारिता विभाग में संयुक्त सचिव बनाया जा सकता है. वह सुभाष चंद्र गर्ग की जगह लेंगे.

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मदन लाल मीणा संयुक्त सचिव बने

1983 बैच के आईएएस अधिकारी मदन लाल मीणा को राजस्व विभाग में संयुक्त सचिव बनाया गया है. वह अनूप कुमार श्रीवास्तव की जगह लेंगे. अनूप को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव बनाया गया है.

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जादुई संख्या के भरोसे चलती सरकार

हिच्हाइकर्स गाइड टू द गैलेक्सी के दीवाने यह जानते हैं कि ज़िंदगी का रहस्य क्या है? उनके मुताबिक़, यह एक जादुई संख्या 42 है. इसी तरह यूपीए सरकार के पास भी एक जादुई संख्या है. यह जादुई संख्या जीडीपी विकास दर है. जब भी सरकार किसी मुसीबत में ख़ुद को पाती है, तब उस व़क्त यही जीडीपी उसके लिए आशा की किरण बन जाती है.

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बीमार और खास्ताहाल

बिहार की सबसे बड़ी और सबसे अधिक राजस्व देने वाली गुलाबबाग मंडी नीतीश के शासन में भी बदइंतजामी की मिसाल बनी हुई है. हालत यह है कि लोग गुलाबबाग मंडी जाने के नाम पर नाक-भौंह सिकोड़ने लगते हैं. बिहार सरकार को राजस्व देने के मामले में अव्वल रहने के बावजूद यह मंडी विकास के मामले में का़फी पिछड़ गई है. टूटी सड़कें, जाम, धूल, सड़कों और नालों के अभाव के साथ-साथ अतिक्रमण यहां की पहचान बन गया है. ऐसा नहीं है कि गुलाबबाग के स्थानीय निवासियों व व्यवसायियों ने प्रशासन से लेकर सरकार तक इस संबंध में गुहार नहीं लगाई है. टूटी सड़क व जाम की समस्या को लेकर विगत दिनों गुलाबबाग के लोगों ने बाज़ार बंद किया और सड़क जाम किया. उस समय प्रशासन के आश्वासन पर स्थानीय लोगों ने आंदोलन वापस ले लिया, लेकिन समस्या अभी भी जस की तस है. ऐसा नहीं है कि जाम की समस्या का हल नहीं हो सकती.

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राजनीति की बिसात पर सोनभद्र

उत्तर प्रदेश की राजनीतिक बिसात में सोनभद्र एक ऐसा मोहरा है जिसे खिलाड़ी (नेता) इस्तेमाल तो वजीर की तरह करते हैं लेकिन उसकी असल हैसियत प्यादे से भी नीचे है. सरकार के खजाने में सर्वाधिक राजस्व जमा करने का श्रेय सोनभद्र को जाता है. नेता और नौकरशाह अपनी तिजोरी भरने का काम भी इसी के जरिए करते हैं. इन सबके बीच अगर किसी का हक़ मारा जा रहा है तो वह यहां का आम आदमी है. इनमें आदिवासियों की स्थिति सर्वाधिक बदतर है. इन आदिवासियों का इस्तेमाल राजनीतिक दल अपने स्वार्थ के लिए करते हैं लेकिन जब हक़ देने की बारी आती है तो सबकुछ खुद डकार जाते हैं. मसलन क्षेत्र में स्थापित वैध और अवैध सभी क्रशरों में से अधिकांश राजनीतिक दलों के नेताओं और उनके परिजनों के हैं. खनन के पट्‌टे पर भी नेता, नौकरशाह और खनन मा़फिया सांप की तरह कुंडली मारकर बैठे है. यही वजह है कि सोनभद्र में अवैध खनन के मसले पर सब चुप्पी साधे रहते हैं. तू भी खा मैं भी खाऊं की नीति लागू है.

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ट्रक एंट्री का गोरखधंधा

नीतीश सरकार एक ओर जहां राज्य की माली हालत एवं राजस्व की कमी का रोना रोते हुए विकास के लिए केंद्र से अतिरिक्त सहायता और बिहार को विशेष राज्य का दर्ज़ा देने की मांग कर रही है, वहीं दूसरी तरफ परिवहन विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार एवं अधिकारी-दलाल गठजोड़ के कारण राज्य को प्रति वर्ष करोड़ों रुपये का चूना लग रहा है.

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सार-संक्षेप

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्वाचन क्षेत्र बुदनी के वनग्राम खटपुरा के 200 वनवासी परिवारों को एक भाजपा नेता के इशारे पर वन विभाग के अफसर प्रताड़ित कर रहे हैं. 25 वर्षों से वनभूमि पर रहने वाले वनवासियों का आरोप हैं कि उन्हें खेती के लिए पट्टे देना तो दूर, वन अधिकारी उनकी फसल चौपट कर उनके खिला़फ झूठे मुकदमे दर्ज करा रहे हैं.

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