भारत की आर्थिक दुर्दशा का दस्तावेज़ है

वर्ल्ड बैंक नें विकसित और विकासशील देशों की नई श्रेणियों का निर्धारण कई मानकों के आधार पर किया है. इनमे

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पश्चिमी एशिया में अशांति की आशंका!

संयुक्त राष्ट्र्‌ समेत वैश्विक असहमति के बावजूद अमेरिकी राष्ट्र्‌पति डोनाल्ड ट्र्‌म्प द्वारा यरूशलम को इजरायली राजधानी की मान्यता दिए जाने

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अमेरिका उत्तर कोरिया तनाव: ट्रंप-किम की जिद से तीसरे विश्वयुद्ध के मुहाने पर दुनिया

तीन सितंबर को उत्तर कोरिया के छठे परमाणु परीक्षण के बाद दोनों देश युद्ध के कगार पर खड़े हैं. उत्तर

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जब तोप मुकाबिल हो : सत्ता के गलियारों से निकलता भ्रष्टाचार

वे फाइलें, जिनका सीधा रिश्ता कोल ब्लॉक के आबंटन से है और जिन पर कोयला मंत्री के रूप में प्रधानमंत्री

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दिल्ली का बाबू : अधर में लटके अधिकारी

अधिकारियों का सेवा विस्तार या रिटायर अधिकारियों को फिर से नियुक्त करना यूपीए सरकार का हॉलमार्क बन गया है. सेवा

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कालजयी रचनाकार फ्योदोर दोस्तोयेवस्की…

मशहूर रूसी लेखक फ्योदोर दोस्तोयेवस्की की गिनती शेक्सपियर, दांते, गेटे और टॉलस्टॉय जैसे महान लेखकों के साथ होती है. फ्योदोर

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हिंद महासागर का सैन्यीकरण- तटवर्ती देशों को साथ आना होगा

हिंद महासागर की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी किसके पास होनी चाहिए? उन देशों के पास, जिनकी सीमाएं इससे जुड़ी हुई हैं

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मैंने तो अपनी भाषा को प्यार किया है

हर भाषा की अपनी अहमियत होती है. फिर भी मातृभाषा हमें सबसे प्यारी है. क्योंकि उसी ज़ुबान में हम बोलना सीखते हैं. बच्चा सबसे पहले मां ही बोलता है. इसलिए भी मातृभाषा हमें सबसे ज़्यादा प्रिय है. लेकिन देखने में आता है कि कुछ लोग जिस भाषा के सहारे ज़िंदगी बसर करते हैं यानी जिस भाषा में लोगों से संवाद क़ायम करते हैं, उसी को तुच्छ समझते हैं.

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रूस : पुतिन की वापसी

रूस की जनता ने ब्लादिमीर पुतिन को अपना राष्ट्रपति चुना है. विगत चार मार्च को रूस में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव कराए गए, जिसमें पुतिन को लगभग 64 फीसदी मत मिले. उनके विरोधियों में से किसी ने बीस प्रतिशत मत नहीं पाए. कम्युनिस्ट पार्टी के उम्मीदवार गेन्नादी ज्युगानोव को लगभग 18 फीसदी मत मिले, जबकि अन्य उम्मीदवार दहाई के अंक तक नहीं पहुंच सके. रूस के एक बड़े उद्योगपति मिखाइल प्रोखोरोव को लगभग 7.9 फीसदी मत मिले.

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रूस : पुतिन का भविष्य संकट में

सोवियत रूस में संसदीय चुनाव के नतीजे आने के बाद सरकार पर चुनाव में धांधली करने के आरोप लगे हैं. इस चुनाव में रूसी प्रधानमंत्री ब्लादिमिर पुतिन की यूनाइटेड रशिया पार्टी को जीत तो हासिल हो गई, लेकिन यह कोई बड़ी जीत नहीं है.

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अमेरिका-चीन संबंध

पाकिस्तान में जब अलक़ायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन मारा गया तो अमेरिका की नज़रें कुछ समय के लिए पाकिस्तान के प्रति टेढ़ी हो गईं. तब चीन ने इशारे-इशारे में कह दिया कि वह पाकिस्तान का बाल बांका नहीं होने देगा.

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पाकिस्‍तान की उम्‍मीदों पर रूस का पानी

भारत और रूस के रिश्तों में पिछले 39 वर्षों के बीच आए तमाम उतार-चढ़ावों को देखते हुए पाकिस्तान को यह उम्मीद थी कि अपनी यात्रा के दौरान रूसी राष्ट्रपति दमित्री मेदवेदेव भारत के प्रति कोई खास दरियादिली नहीं दिखाएंगे, लेकिन कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर रूस द्वारा ज़ोरदार ढंग से भारत की वकालत करने और आतंकवाद पर पाकिस्तान-अ़फग़ानिस्तान को नसीहत देने से पाक की उम्मीदों पर पानी फिर गया है.

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रूस का बदला रूख

रूस के सोची सी-रिसॉर्ट में चार देशों के सम्मेलन को एक महीने से ज़्यादा व़क्त गुज़र चुका है, लेकिन भारतीय विदेश मंत्रालय के अधिकारी अब तक इस पर कोई बयान देने से बचते रहे हैं. रूस के राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव की मेज़बानी में आयोजित इस सम्मेलन में पाकिस्तान, अ़फग़ानिस्तान एवं तजाकिस्तान शामिल थे.

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अल्‍पसंख्‍यकों की हालत समझना जरूरी

संयुक्त राष्ट्र संघ में लगभग दो सौ सदस्य देश हैं, लेकिन इनमें शायद ही कोई मुल्क ऐसा हो, जिसकी पूरी आबादी एक ही मज़हब, भाषा, नस्ल या फिर संस्कृति की हो. यानी इन सभी मुल्कों में बहुसंख्यक आबादी के साथ-साथ अल्पसंख्यक आबादी भी है. ऐसे कुछ मामले हो सकते हैं कि एक राज्य में किसी एक समूह का बहुमत न हो, लेकिन एक अल्पसंख्यक समूह कई अन्य के साथ मिलकर पूरी आबादी का पचास फ़ीसदी से कम हो सकता है.

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डेविस कप और भारत की चुनौती

डेविस कप टेनिस के सबसे प्रतिष्ठित मुक़ाबलों में एक है, लेकिन यह मुक़ाबला भारत एक बार भी नहीं जीत सका. हालांकि 1966, 1974 एवं 1987 में यह उप विजेता रह चुका है. इसके बावजूद भारत ने डेविस कप के विश्व समूह के लिए 1998 में आख़िरी बार क्वालीफाई किया था. यानी कुल 12 साल के बाद भारत एक बार फिर डेविस कप के विश्व समूह में शिरकत कर रहा है.

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केजीबी की ख़ौफ़नाक कहानी आज भी जारी है

तारीख़ 23 नवंबर 2006. इस दिन एक शख्स, जिसे फूड प्वाइजनिंग की शिक़ायत थी, अस्पताल में भर्ती हुआ. कुछ दिनों तक यह शख्स ज़िंदगी और मौत की जंग लड़ता रहा. लेकिन इस जंग में ज़िंदगी मौत से हार गई.

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