बिहार में तेजस्वी के लगे बाहुबली पोस्टर, रैली की तैयारियां तेज

नई दिल्ली। 27 अगस्त को पटना में विपक्ष की रैली होनी है जिसकी अगुवाई लालू प्रसाद यादव करेंगे। उससे पहले

Read more

मोदी ने कहा, पहाड़ का पानी और जवानी दोनों पहाड़ के काम आएंगे

प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को बद्रीनाथ, केदरानाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की चार धाम यात्रा को जोड़ने वाले रोड प्रोजेक्ट का

Read more

बीजेपी सांसद हेमा मालिनी के नखरे देख उड़ जायेंगे आपके होश, देखें Video

वीडियो देखने के लिए नीचे स्क्रॉल करें  नई दिल्ली (विनीत सिंह) : जहा देश के प्रधानमंत्री खुद को प्रधान सेवक

Read more

तो ऐसी होगी मोदी की विदेश नीति

नरेंद्र मोदी ने 9 अप्रैल को कोलकाता में अपनी रैली के दौरान पाकिस्तान के मुद्दे पर कहा कि एक तरफ

Read more

यह संसद संविधान विरोधी है

सरकार को आम जनता की कोई चिंता नहीं है. संविधान के मुताबिक़, भारत एक लोक कल्याणकारी राज्य है. इसका साफ़ मतलब है कि भारत का प्रजातंत्र और प्रजातांत्रिक ढंग से चुनी हुई सरकार आम आदमी के जीवन की रक्षा और उसकी बेहतरी के लिए वचनबद्ध है. लेकिन सरकार ने इस लोक कल्याणकारी चरित्र को ही बदल दिया है. सरकार बाज़ार के सामने समर्पण कर चुकी है, लेकिन संसद में किसी ने सवाल तक नहीं उठाया.

Read more

पटना गांधी मैदान से शुरू होगी परिवर्तन की लड़ाई

भारतीय लोकतंत्र के लिए आने वाला समय काफी महत्वपूर्ण है. लोगों का इस व्यवस्था से भरोसा उठने और उसके नतीजे के तौर पर जनता के सड़क पर उतरने की घटनाएं लगातार जारी हैं. दामिनी वाली घटना में जिस तरह से युवा लगातार दिल्ली और देश के बाक़ी हिस्सों में आंदोलन कर रहे हैं, इसे भारतीय लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत माना जा सकता है.

Read more

अब अन्ना की नहीं, आपकी परीक्षा है

अन्ना हज़ारे और जनरल वी के सिंह ने बनारस में छात्रों की एक बड़ी सभा को संबोधित किया. मोटे अनुमान के हिसाब से 40 से 60 हज़ार के बीच छात्र वहां उपस्थित थे. छात्रों ने जिस तन्मयता एवं उत्साह से जनरल वी के सिंह और अन्ना हज़ारे को सुना, उसने कई संभावनाओं के दरवाज़े खोल दिए. पर सबसे पहले यह देखना होगा कि आख़िर इतनी बड़ी संख्या में छात्र अन्ना हज़ारे और वी के सिंह को सुनने के लिए क्यों इकट्ठा हुए, क्या छात्रों को विभिन्न विचारों को सुनने में मज़ा आता है, क्या वे नेताओं के भाषणों को मनोरंजन मानते हैं, क्या छात्रों में जनरल वी के सिंह और अन्ना हज़ारे को लेकर ग्लैमरस क्रेज़ दिखाई दे रहा है या फिर छात्र किसी नई खोज में हैं?

Read more

एकता परिषदः इस चेतावनी को सिर्फ रैली न समझें

वर्ष 2007 में जब 25 हज़ार लोग ग्वालियर से पैदल चलकर दिल्ली आए, तब तत्कालीन ग्रामीण विकास मंत्री ने इन्हें आश्वासन दिया. 2009 में जब एक बार फिर ये लोग दिल्ली आए, तब भी इन्हें आश्वासन ही मिला. हर बार स़िर्फ आश्वासन. नतीजतन, इस बार 15 हज़ार लोग जब दिल्ली आए, तब कोई मांग लेकर नहीं आए.

Read more