बाबा और सच्‍चरित्र अध्‍याय

बाबा ने सच्चरित्र लिखने की अनुमति देते हुए कहा कि सच्चरित्र लेखन के लिए मेरी पूर्ण अनुमति है. तुम अपना मन स्थिर करके मेरे वचनों में श्रद्धा रखो और निर्भय होकर कर्तव्य पालन करते रहो. यदि मेरी लीलाएं लिखी गईं तो अविद्या का नाश होगा और ध्यान एवं भक्तिपूर्वक श्रवण करने से भक्ति और प्रेम की तीव्र लहर प्रवाहित होगी. जो इन लीलाओं की अधिक गहराई तक खोज करेगा, उसे ज्ञानरूपी अमूल्य रत्न की प्राप्ति हो जाएगी.

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