उम्मीदवार का चयन

निर्वाचक मंडल की बैठक किसी ऐसे विद्यालय में बुलाई जाए, जिसके शिक्षक एवं आसपास के लोग लोक उम्मीदवार के विचार

Read more

चौपट शिक्षा व्यवस्था पर नीतीश सरकार का उत्सव

बिहार में देश के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आज़ाद की जयंती पर तीन दिवसीय शिक्षक दिवस समारोह मनाया

Read more

पाठशाला में कोटा कितना कारगर होगा

देश में छह वर्ष से चौदह साल की आयु के हर बच्चे को अनिवार्य और निःशुल्क शिक्षा का अधिकार देने वाले क़ानून राइट टू एजुकेशन को उच्चतम न्यायालय ने अपनी मंज़ूरी दे दी है. न्यायादेश के मुताबिक़, अब देश के सरकारी स्कूल और निजी स्कूलों में शिक्षा का अधिकार क़ानून लागू हो गया है.

Read more

शिक्षा के अधिकार से गरीब क्यों वंचित हैं

खबर आई है कि बिहार सरकार संत विनोबा भावे का भूदान आंदोलन एक बार फिर शुरू करने जा रही है. फर्क़ स़िर्फ इतना है कि विनोबा भावे द्वारा चलाया गया भूदान आंदोलन भूमिहीन किसानों को ज़मीन दिलाने के लिए था, वहीं बिहार सरकार का आंदोलन स्कूलों को ज़मीन उपलब्ध कराने के लिए होगा. इस आंदोलन के माध्यम से राज्य सरकार लोगों से विद्यालयों के लिए ज़मीन मांगेगी.

Read more

असमः अब उग्रवाद नहीं अंधविश्वास हावी

असम में अब उग्रवाद से कहीं ज़्यादा हत्याएं अंधविश्वास से हो रही हैं. राज्य की कांग्रेस सरकार स्वास्थ्य सेवा में आमूलचूल परिवर्तन का दावा करती है, पर हक़ीक़त इससे कोसों दूर है. गांवों में आज भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं. इसलिए लोग कविराज की झाड़-फूंक का सहारा लेते हैं.

Read more

बच्‍चों का निवाला गट जाते हैं गुरू जी

सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत अबोध बच्चों को शिक्षा के प्रति ललक पैदा करने व उनके शारीरिक विकास के लिए चलाई जा रही मध्यान्ह भोजन योजना का निवाला कोई और ही गटक जाता है. इस मामले में सारण ज़िले का कोई सानी नहीं है.

Read more

एक स्‍कूल ऐसा भीः नैतिक शिक्षा के रूप में गीता की पढ़ाई

देश भर में स्कूलों के पाठ्यक्रमों में आए दिन बदलाव तो होते ही रहते हैं, और यह कोई नई बात भी नहीं है. पर लखनऊ में एक संस्था ऐसी भी है, जिसने पिछले 75 वर्षों से अपने पाठ्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया है.

Read more

खाने के नाम पर जहर

सरकार जनता के कल्याण के लिए चाहे कितनी भी कल्याणकारी योजनाएं चला ले लेकिन हक़ीक़त यही है कि ये सारी योजनाएं सही मायनों में धरातल पर उतरती नज़र नहीं आ रही हैं.

Read more

बदहाल उत्तर प्रदेश में बेहाल शिक्षा

हाल ही में उत्तर प्रदेश के राज्यपाल बीएल जोशी ने शिक्षा के गिरते स्तर और अराजक होते शैक्षिक माहौल से निपटने के लिए राज्य भर के विश्व विद्यालयों के कुलपतियों के साथ गहन चिंतन-मनन किया. राज्यपाल की चिंता इस संदर्भ से जुड़ी थी कि उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालय गुणवत्तापरक शिक्षा देने में विफल हो रहे हैं, साथ ही अनुशासन बना पाने में भी नाकाम सिद्ध हो रहे हैं.

Read more

दून कोबाड गांधी भी पैदा करता है

दून स्कूल का शीर्ष प्रबंधन इस बात को लेकर चिंता में है कि स्कूल के बच्चों के शिक्षण में कौन सी वर्गीय-खोट है जो कोबाड गांधी को पैदा करती है. दून स्कूल के उच्च वर्गीय चरित्र पर कोबाड गांधी एक सवाल की तरह चस्पा है, जिसने उच्च वर्ग में पैदा होते हुए भी उच्च कुलीन वर्ग का चरित्र नहीं अपनाया और शोषितों-उत्पीड़ितों के हित के संघर्ष के लिए अपना जीवन अति-वामपंथ को न्यौछावर कर दिया. लेकिन दून स्कूल के प्रोडक्ट के रूप में निकले कोबाड गांधी ने स्कूल प्रबंधन के उच्च वर्गीय चरित्र को ज़रूर हिला कर रख दिया है.

Read more

अगर न मिले स्कूल ड्रेस या किताब

सरकारी स्कूलों में बच्चे पढ़ने आएं, इसके लिए बहुत सारी सरकारी योजनाएं बनाई गई हैं. जैसे यूनीफॉर्म और किताबों का वितरण. उक्त योजनाएं दरअसल वैसे परिवारों को प्रोत्साहित करने के लिए हैं, जो ग़रीबी की वजह से अपने बच्चों की शिक्षा पर आने वाले ख़र्च को उठा पाने में सक्षम नहीं होते.

Read more

उत्तर प्रदेशः प्राथमिक शिक्षा की तस्‍वीर नहीं बदली

सिर्फ 5200 रुपये में बेच डाला स्कूल पढ़कर आपको आश्चर्य होगा, लेकिन जनपद सुल्तानपुर के गौरीगंज इलाक़े के भटगवां प्राइमरी स्कूल भवन को ग्रामप्रधान ने बेसिक शिक्षा विभाग को सूचना दिए बिना 5200 रुपये में बेचकर जता दिया है कि प्रदेश में शिक्षा का क्या हाल है. वर्ष 2008 की यह घटना जब प्रकाश में आई तो बेसिक शिक्षा विभाग को सांप सूंघ गया.

Read more

मिड डे मील पर लगा ग्रहण

केद्र सरकार की ओर से स्कूली बच्चों के लिए शुरू की गई मिड डे मील योजना पर मगध प्रमंडल में ग्रहण लग गया है. इससे लाखों बच्चों को पोषाहार मिलना बंद हो गया है. केंद्रीयकृत रसोई से मिड डे मील की आपूर्ति करने वाले स्वयंसेवी संगठनों ने भी इसे चलाने से हाथ खड़े कर दिए हैं.

Read more

स्‍कूलों में बच्‍चों की सुरक्षा का सवाल

हाल में उड़ीसा विधानसभा में एक ऐसे मुद्दे को लेकर गहमागहमी बढ़ गई, जिसका सीधा संबंध ग़रीब आदिवासियों की बेबसी और लाचारी की आड़ में उनके शोषण से जुड़ा था. राज्य सरकार द्वारा संचालित जनजातीय विद्यालय, जो ग़रीब एवं पिछड़े आदिवासी छात्रों को शिक्षा का उजाला दिखाने के लिए खोले गए थे, उनके उत्पीड़न का केंद्र बन गए.

Read more

शिक्षा का अधिकार कानून का पालन असंभव

भारत सरकार ने 1 अप्रैल 2010 से 6 से 14 वर्ष तक के सभी बालक-बालिकाओं के लिए शिक्षा के अधिकार की गारंटी देते हुए सभी को शिक्षित करने का एक महत्वाकांक्षी और क्रांतिकारी क़ानून लागू तो कर दिया है, लेकिन प्रदेश में इस क़ानून का पालन होने में अभी कुछ और साल लग सकते हैं.भारत सरकार ने 1 अप्रैल 2010 से 6 से 14 वर्ष तक के सभी बालक-बालिकाओं के लिए शिक्षा के अधिकार की गारंटी देते हुए सभी को शिक्षित करने का एक महत्वाकांक्षी और क्रांतिकारी क़ानून लागू तो कर दिया है, लेकिन प्रदेश में इस क़ानून का पालन होने में अभी कुछ और साल लग सकते हैं.

Read more

सार-संक्षेप

केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा में गुणात्मक सुधार और उसे रोचक बनाने के प्रयास में अरबों रुपए ख़र्च करने के बाद भी राज्य में सैटेलाईट के माध्यम से प्राथमिक शिक्षा (एडूसेट) की योजना पूरी तरह नाकाम हो गई है. इस योजना को सर्वप्रथम पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सीधी ज़िले में, तत्कालीन मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह ने प्रारंभ किया था.

Read more