राजस्‍थान का नंदीग्राम नवलगढ़ : सीमेंट फैक्‍ट्री के लिए भूमि अधिग्रहण

बिन पानी सब सून. राजस्थान के अर्द्ध मरुस्थलीय इलाक़े शेखावाटी की हालत कुछ ऐसी ही है. यहां के किसानों को बोरवेल लगाने की अनुमति नहीं है. भू-जल स्तर में कमी का खतरा बताकर सरकार उन्हें ऐसा करने से रोकती है. दूसरी ओर राजस्थान सरकार ने अकेले झुंझुनू के नवलगढ़ में तीन सीमेंट फैक्ट्रियां लगाने की अनुमति दे दी है. इसमें बिड़ला की अल्ट्राटेक और बांगड़ ग्रुप की श्री सीमेंट कंपनी शामिल है.

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पिछले चार साल में अनाज नहीं सड़ा: एफसीआई

जुलाई 2010 में सरकार ने एक आरटीआई के अंतर्गत पूछे गए सवाल के जवाब में कहा था कि देश में एफसीआई के विभिन्न गोदामों में 1997 से 2007 के बीच 1.83 लाख टन गेहूं, 6.33 लाख टन चावल और 2.2 लाख टन धान खराब हो गया था. जुलाई 2012 में एक अन्य आरटीआई के जवाब में एफसीआई ने कहा है कि 2008 से लेकर अब तक देश में एफसीआई के किसी भी गोदाम में अनाज खराब नहीं हुआ है.

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राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण और पर्यावरण संरक्षण

पर्यावरण सुरक्षा और पर्यावरण संबंधी विवादों को सही समय पर निपटाने के लिए आख़िरकार हमारे देश में भी अलग से पर्यावरण अदालत की स्थापना हो गई है. पिछले दिनों पर्यावरण और वन राज्यमंत्री जयराम रमेश ने राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण के गठन की जब औपचारिक घोषणा की तो भारत विश्व के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया, जहां पर्यावरण संबंधी मामलों के निपटारे के लिए राष्ट्रीय स्तर पर न्यायाधिकरण होते हैं.

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सरकारी संरक्षण में चल रहा है अवैध खनन

मध्य प्रदेश की खनिज सम्पदा पर लगातार डकैती डालने का सिलसिला जारी है. देश भर के खनिज मा़फिया से संबंधित व्यक्ति इन दिनों कटनी व जबलपुर क्षेत्र के खदान क्षेत्रों में सक्रिय हैं. यहा कायम किए गए एक आपराधिक तंत्र के भरोसे बिना रॉयल्टी चुकाये अवैध रूप से उत्खनन का सिलसिला जारी है

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स्‍कूलों में बच्‍चों की सुरक्षा का सवाल

हाल में उड़ीसा विधानसभा में एक ऐसे मुद्दे को लेकर गहमागहमी बढ़ गई, जिसका सीधा संबंध ग़रीब आदिवासियों की बेबसी और लाचारी की आड़ में उनके शोषण से जुड़ा था. राज्य सरकार द्वारा संचालित जनजातीय विद्यालय, जो ग़रीब एवं पिछड़े आदिवासी छात्रों को शिक्षा का उजाला दिखाने के लिए खोले गए थे, उनके उत्पीड़न का केंद्र बन गए.

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बढ़ रही हैं दुष्‍कर्म की घटनाएं

सरकार बालिकाओं को संरक्षण देने और उनके सर्वांगीण विकास के लिए अनेक कार्यक्रमों पर अमल कर रही है, लेकिन यह एक कटु सत्य है कि इस राज्य में बालिकाएं सुरक्षित नहीं हैं. प्रदेश में मासूम बच्चियों के उत्पीड़न की घटनाएं तेज़ी से बढ़ रही हैं. महज़ 100 दिन में तीस नाबालिग लड़कियां दुष्कर्म की शिकार हुई हैं. इससे सा़फ है कि हर तीसरे दिन एक लड़की दरिंदों की शिकार हो रही हैं.

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गोंड राजाओं की राजधानी रामनगर बर्बादी की कगार पर

इतिहास और पर्यटन के मामले में भी सरकार और बाज़ार की शक्तियों का संकीर्ण रवैया बना हुआ है. भारत के इतिहास और पर्यटन में लाल किला, कुतुबमीनार, ताजमहल, खजुराहो, विजय नगरम्‌, कोणार्क आदि का तो बढ़-चढ़कर महत्व बताया गया है, लेकिन प्रतापी गोंड राजाओं के भव्य और शानदार किलों, महलों, मंदिरों और नगरों पर किसी का कोई ध्यान नहीं, जबकि यदि इन स्मारकों और खंडहरों को ईमानदारी से देखा जाए

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महुआ संग्रहण : आत्मनिर्भरता की ओर एक क़दम

आदिवासी क्षेत्रों में रोज़गार पाना एक गंभीर समस्या है. आधारभूत संरचनाओं के अभाव और औद्योगिक विकास के मामले में पिछ़डे आदिवासी इलाक़ों में प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और परिवर्द्धन कर रोजगार की संभावनाएं पैदा की जा सकती हैं.

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सार-संक्षेप

केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा में गुणात्मक सुधार और उसे रोचक बनाने के प्रयास में अरबों रुपए ख़र्च करने के बाद भी राज्य में सैटेलाईट के माध्यम से प्राथमिक शिक्षा (एडूसेट) की योजना पूरी तरह नाकाम हो गई है. इस योजना को सर्वप्रथम पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सीधी ज़िले में, तत्कालीन मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह ने प्रारंभ किया था.

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तस्‍करों के निशाने पर बाघ

तमाम सरकारी घोषणाओं के बावजूद वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना में बाघ संरक्षण के लिए कोई ठोस और कारगर योजना के लागू न होने से बाघों का जीवन बचाने की मुहिम को झटका लग रहा है. देश में कुल तेरह व्याघ्र परियोजनाएं हैं, जिनमें रखरखाव के मामले में वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना तीसरे स्थान पर है, किंतु वास्तविकता के धरातल पर यह सफेद हाथी बनकर रह गई है.

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सार-संक्षेप

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्वाचन क्षेत्र बुदनी के वनग्राम खटपुरा के 200 वनवासी परिवारों को एक भाजपा नेता के इशारे पर वन विभाग के अफसर प्रताड़ित कर रहे हैं. 25 वर्षों से वनभूमि पर रहने वाले वनवासियों का आरोप हैं कि उन्हें खेती के लिए पट्टे देना तो दूर, वन अधिकारी उनकी फसल चौपट कर उनके खिला़फ झूठे मुकदमे दर्ज करा रहे हैं.

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