वजूद खो रही है भाषाएं

जब से इंसान ने एक दूसरे को समझना शुरू किया होगा, तभी से उसने भाषा के महत्व को भी समझा और जाना होगा. भाषा सभ्यता की पहली निशानी है. किसी भी समाज की संस्कृति और सभ्यता की जान उसकी भाषा में ही बसी होती है. किसी भाषा का खत्म होना, उस समाज का वजूद मिट जाना है, उस समाज की संस्कृति और सभ्यता का इतिहास के पन्नों में सिमट जाना है. इंसान के आधुनिक होने में उसकी भाषा का सबसे ब़डा योगदान रहा होगा, क्योंकि इसके ज़रिये ही उसने अपनी बात दूसरों तक पहुंचाई होगी.

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राजनीति, बीयर और…

यह शोध संस्कृति से जुड़ा है. प्राचीन मेसोपोटामियाई सभ्यता के लोगों की दैनिक गतिविधियों में सेक्स, राजनीति और बीयर पीना उच्च प्राथमिकता के विषय थे.

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केट विंसलेट को साथी चाहिए

जहां गूगल में सबसे ज़्यादा सर्च किए जाने वाले शब्दों में ओपन मैरिज पॉपुलरिटी की सीमाएं तोड़ रहा है, वहीं केट विंसलेट ने एक क़दम पीछे लिया है. अरेंज मैरिज, लव मैरिज, कॉन्ट्रैक्ट मैरिज, इंटरकास्ट मैरिज के बाद अब शादी का नया डेवलपिंग ट्रेंड है ओपन मैरिज.

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रंगों की कहानी रंगों की ज़ुबानी

मानव सभ्यता में रंगों का का़फी महत्व रहा है. हर सभ्यता ने रंगों को अपने तरीक़े से अपनाया. दुनिया में रंगों के इस्तेमाल को जानना भी बेहद दिलचस्प है. कई सभ्यताओं को उनके द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले रंगों की वजह से ही पहचाना गया.

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भारत की संस्कृत-उर्दू सभ्यता

यह प्रवासियों का देश है. 92 फीसदी लोग जो आज यहां रह रहे हैं, उनके पुरखे विदेश से आए थे. हम सबके पुरखे विदेश से आए थे. हमारे देश में लोग पिछले दस हजार साल से आते रहे हैं. क्यों आते जा रहे हैं? यहां के लोग नहीं जाते थे बाहर. आधुनिक मशीनीकरण के आने के पहले कृषि प्रधान समाज होता था तो खेती के लिए जो चाहिए था, जैसे समतल उपजाऊ ज़मीन और पानी, वह यहां इफरात में था.

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एक और अयोध्‍या

भारतीय सभ्यता और संस्कृति को पूरे विश्व में गौरवपूर्ण स्थान हासिल है. संसार ने हमारे प्राचीन महाकाव्यों, पुराणों एवं ग्रंथों का लोहा माना है. विश्व के कई देशों ने हमारी सभ्यता और संस्कृति का अनुकरण किया है. दक्षिण पूर्व एशिया स्थित देश थाइलैंड भी प्रभु श्रीराम के जीवन से प्रेरित है.

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पुरानी बांसुरी खोलेगी राज़

आमतौर पर दुनिया भर के खोजकर्ता ऐसी चीजों की खोज करते रहते हैं, जिनसे पुरानी संस्कृतियों-सभ्यताओं के मूल का पता चलता है. जर्मनी में खोजकर्ताओं ने एक लगभग 35 हज़ार साल पुरानी बांसुरी खोज निकाली है. उनका कहना है कि यह दुनिया का पहला संगीत यंत्र हो सकता है.

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कोइराला के बाद नेपाली कांग्रेस का भविष्य

आर्य सभ्यता की एक ख़ासियत है, किसी इंसान की मृत्यु हो जाने के बाद हम उसकी अच्छाइयों और उपलब्धियों को बढ़ा-चढ़ा कर पेश करने की कोशिश में अक्सर उसे भगवान के समतुल्य खड़ा कर देते हैं. वास्तव में हमारी संस्कृति में मृत्यु सभी बुराइयों और पापों को धोने वाली कारक बन जाती है.

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औरतों का मुक़ाम समाजी और सियासी दोनों है

सामाजिक जीवन में पुरुष-महिला का रिश्ता सबसे अहम है. उसका कारण यह है कि यह रिश्ता मानवीय संवेदना की बुनियाद है और इसमें मामूली सी ग़लती भी सामाजिक ढांचे को बदनुमा और दाग़दार बना सकती है. हमारा इतिहास औरतों पर होने वाले अत्याचार और पाबंदियों के कलंकित दृश्यों से भरा पड़ा है.

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हुआ ये क्या कि ख़ामोशी भी गुनगुनाने लगी – शहरयार

स़िर्फ और स़िर्फ यही एक तसल्ली की बात है कि इस बदलते हुए बेचैन व़क्त और बदहवास दौर में मुक़म्मल तहज़ीब का ऩक्शा तैयार करते शायर शहरयार हमारे साथ हैं, नहीं तो हम भी यही कहते हैं, आंखों से कहो अब मांगे ख्वाबों के सिवा जो चाहे..

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