मध्यप्रदेश : विधानसभा चुनाव में निर्णायक होगा ओबीसी फैक्टर

मध्यप्रदेश की राजनीति जातिनिरपेक्ष रही है. यहां की सियासत में यूपी, बिहार की तरह न तो जातियों का दबदबा है

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सिनेमा और सियासत का सुपरस्टार नन्दमुरि तारक रामाराव

जन्मदिन- 28 मई 1923 पुण्यतिथि- 18 जनवरी 1996 एनटी रामा राव उन नेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने इस मिथक को

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…फिर भी सियासत को शर्म नहीं आती

मुजफ्फरनगर दंगों को लेकर खूब सियासत हुई. उत्तर प्रदेश सरकार, समाजवादी पार्टी, पूर्ववर्ती केंद्र सरकार और उसकी सूत्रधार कांग्रेस ने

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सेना, साज़िश और सियासत

पिछले तीन सालों में कांग्रेस के नेतृत्व में चल रही सरकार में घट रही घटनाएं और उसके दूरगामी परिणामों से देश की अवाम चिंतित ही नहीं, बेहद परेशान भी है. पिछले दिनों जिस तरह से देश में सैन्य बग़ावत की खबरों की अटकलें लगीं, वे आज़ाद भारत के इतिहास में एक अनहोनी की तरह है.

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अभिनय मेरा शौक़ है, राजनीति मेरा पेशा

सियासत को हमेशा अभिनय से जोड़ा जाता है और अभिनय में कई दफा सियासत करनी पड़ती है. बिहार के दिग्गज राजनीतिज्ञ, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं राज्यसभा सदस्य रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान फिल्म मिले ना मिले हम के ज़रिए बॉलीवुड में अपनी पारी शुरू की है.

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कश्‍मीरः शांति पर सियासत

कश्मीरी मुसलमान और कश्मीरी पंडित में आपसी स्तर पर कभी कोई मतभेद नहीं रहा. मतभेद स़िर्फ सियासत की देन है, भाई को भाई से स़िर्फ सियासत ने लड़वाया है और किसी ने नहीं. स्वर्ग कही जाने वाली धरती अब स़िर्फ ख़ून से लाल दिखाई देती है, बच्चों और रोती-बिलखती माताओं की आवाज़ें सुनाई देना अब कश्मीर में आम बात हो गई है.

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सियासत के शहर में सन्नाटा

प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से लेकर जंग-ए-आज़ादी में बिस्मिल अशफाक-रोशन की साझी शहादत, साझी विरासत वाला शहर शाहजहांपुर आज न जाने क्यों राजनीतिक शून्यता का शिकार हो गया है. आज़ादी के बाद भी सेठ विशन चंद्र सेठ, प्रेम किशन खन्ना, जितेंद्र प्रसाद व सत्यपाल सिंह यादव जैसे कद्दावर नेता देश और प्रदेश की राजनीति में छाये रहे. अब मौजूदा हालात कुछ इस तरह बन गये हैं कि आरक्षण के भंवर में फंसा यह ज़िला सियासी तौर पर रस्म अदायगी तक सिमट कर रह गया है, ना पहले जैसी चर्चायें होती हैं ना सियासी कोठियों की धमक सुनाई देती है और ना ही समर्थकों में कोई जोश-ख़रोश दिखाई पड़ता है. सियासत जैसे कोई ग़ैर ज़रूरी चीज़ हो चुकी हो.

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गोली से नहीं सियासत से शहीद हुए हेमंत करकरे

चार्जशीट में दिए ब्यौरे के मुताबिक इस गिरोह का नेटवर्क भारत से बाहर कई देशों, यहां तक कि इस्लामिक देशों में भी फैला है़ देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति में चार्जशीट में दिए गए तथ्यों की व्याख्या कतई नहीं की जा सकती. आरोपियों से पूछताछ और नार्को टेस्ट के जरिए हिंदू आतंकवाद के बहाने जो घिनौना सच सामने आया है, वो आम हो जाए तो शायद देश में संकट के हालात पैदा हो जाएं. हिंदू समाज का ठेकेदार बनने वाली पार्टियों को मुंह छुपाने की जगह भी न मिले, लिहाजा इन तथ्यों को लेकर बेहद गोपनीयता बरती जा रही है ताकि चुनावी माहौल में पार्टियां देश में कोई नया बखेड़ा न खड़ा कर दें.

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