जनरल वी के सिंह और अन्‍ना हजारे की चुनौतियां

भारत में लोकतंत्र की इतनी दुर्दशा आज़ादी के बाद कभी नहीं हुई थी. संसदीय लोकतंत्र में राजनीतिक दलों का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है, लेकिन विडंबना यह है कि आज संसदीय लोकतंत्र को चलाने वाले सारे दलों का चरित्र लगभग एक जैसा हो गया है. चाहे कांग्रेस हो या भारतीय जनता पार्टी या अन्य राजनीतिक दल, जिनका प्रतिनिधित्व संसद में है या फिर वे सभी, जो किसी न किसी राज्य में सरकार में हैं, सभी का व्यवहार सरकारी दल जैसा हो गया है.

Read more

2-G घोटाला में रोबर्ट वडेरा अगला निशाना

भ्रष्टाचार आज सबसे बड़ा मुद्दा है. रामदेव भ्रष्टाचार को जनजागरण के ज़रिए ख़त्म करना चाहते हैं. अन्ना कहते हैं कि भ्रष्टाचार को ख़त्म करने के लिए एक सशक्त लोकपाल की ज़रूरत है.

Read more