आम आदमी पार्टी ने इतिहास रचा

प्रजातंत्र में चुनाव सिर्फ सरकार बनाने की प्रक्रिया नहीं है. यह राजनीतिक दलों की नीतियां संगठन और नेतृत्व की परीक्षा

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मुसलमानों को कांग्रेस ने स़िर्फ धोखा दिया

यह मुसलमानों को याद करने का मौसम है. उनकी समस्याओं पर बहस का मौसम है. यह मुसलमानों को ख़तरे बताने

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राहुल गांधी और बुद्धिमत्ता में फ़ासला बाकी है

नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी, दो व्यक्तित्व हैं, जिनके बारे में प्रचार हो रहा है कि इन दोनों में से

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लाल किले की प्राचीर से : वादाख़िलाफ़ी के दस साल

वैसे तो सामान्य परिस्थितियों में हमारे यहां प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति द्वारा देश को संबोधित करने की परंपरा नहीं है. राष्ट्रीय

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संविधान ,राजनितिक दल और लोकतंत्र : डॉ अम्बेडकर की चेतावनी सच साबित हो रही है

25 नवंबर, 1949 को संविधान बनकर तैयार हो चुका था. संविधान सभा संविधान बनाने की अपनी महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी पूरी कर

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महिला आरक्षण बिल : पुरुष सांसदों को आपत्ति क्यों ?

पिछले साल दिल्ली में सामूहिक बलात्कार के हादसे के बाद देश में महिला सशक्तिकरण की आवाज़ फिर से बुलंद होने

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उत्तर प्रदेश- सुल्तानपुर में होगी वरुण की परीक्षा

खबर है कि संजय गांधी के पुत्र वरुण गांधी इस बार सुल्तानपुर संसदीय सीट से अपनी क़िस्मत आजमाएंगे. अगर ऐसा

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राहुल गांधी को समझदारी का सुबूत देना होगा

देश के प्रधानमंत्री पद के लिए कांग्रेस में ऊहापोह जारी है. राहुल गांधी बार-बार कह रहे हैं कि वह प्रधानमंत्री

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बच्चों की कब्रगाह बनता पूर्वांचल : तो फिर एम्स जैसा अस्पताल रायबरेली में क्यों?

बच्चे यानी देश का भविष्य, लेकिन हर साल दम तोड़ते इन हज़ारों-लाखों बच्चों की चिंता किसी को भी नहीं है.

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यह देश के तंत्र के मुंह पर एक तमाचा है

हैदराबाद में दो धमाके हुए. आधिकारिक तौर पर 14 लोगों की जानें गईं और अनाधिकारिक रूप से बीस से ज़्यादा

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यह संसद संविधान विरोधी है

सरकार को आम जनता की कोई चिंता नहीं है. संविधान के मुताबिक़, भारत एक लोक कल्याणकारी राज्य है. इसका साफ़ मतलब है कि भारत का प्रजातंत्र और प्रजातांत्रिक ढंग से चुनी हुई सरकार आम आदमी के जीवन की रक्षा और उसकी बेहतरी के लिए वचनबद्ध है. लेकिन सरकार ने इस लोक कल्याणकारी चरित्र को ही बदल दिया है. सरकार बाज़ार के सामने समर्पण कर चुकी है, लेकिन संसद में किसी ने सवाल तक नहीं उठाया.

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प्रधानमंत्री के नाम अन्ना की चिट्ठी

सेवा में,

श्रीमान् डॉ. मनमोहन सिंह जी,

प्रधानमंत्री, भारत सरकार, नई दिल्ली.

विषय : गैंगरेप-मानवता को कलंकित करने वाली शर्मनाक घटना घटी और देश की जनता का आक्रोश सड़कों पर उतर आया. ऐसे हालात में आम जनता का क्या दोष है?

महोदय,

गैंगरेप की घटना से देशवासियों की गर्दन शर्म से झुक गई.

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राजनीतिक दलों का रवैया गुस्सा दिलाता है

महाभारत शायद आज की सबसे बड़ी वास्तविकता है. इस महाभारत की तैयारी अलग-अलग स्थलों पर अलग तरह से होती है और लड़ाई भी अलग से लड़ी जाती है, लेकिन 2013 और 2014 का महाभारत कैसे लड़ा जाएगा, इसका अंदाज़ा कुछ-कुछ लगाया जा सकता है, क्योंकि सत्ता में जो बैठे हुए लोग हैं या जो सत्ता के आसपास के लोग हैं, वे धीरे-धीरे इस बात के संकेत दे रहे हैं कि वे किन हथियारों से लड़ना चाहते हैं.

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