आलोचना की आलोचना क्यों

हिन्दी साहित्य के वर्तमान परिदृश्य में आज आलोचना और समीक्षा को लेकर ज़बरदस्त विमर्श चल रहा है. लेखकों और आलोचकों ने आलोचना और ख़ासकर समीक्षा और उसके स्तर पर ज़बरदस्त प्रहार किए हैं, चिंता भी जताई है.

Read more

महाकवि आर सी प्रसाद सिंह: अपनी ही धरती पर गुमनाम

हिन्दी साहित्य के छायावाद काल के द्वितीय चरण में गोपाल सिंह नेपाली, हरिवंश राय बच्चन, जानकी बल्लभ शास्त्री के समकालीन थे महाकवि आर सी प्रसाद सिंह, लेकिन साहित्य जगत में अपनी अमिट छाप छोड़ चुके कविवर आरसी के साथ किसी ने न्याय नहीं किया.

Read more