ध्वस्त अर्थव्यवस्था का मनमोहनी तिलिस्म

अपने दस साल के कार्यकाल के दौरान तीसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपनी नाकामियों पर मुहर

Read more

यूरोप का लोकतंत्र खतरे में

लोकतंत्र की जन्मभूमि ग्रीस में पिछले दिनों इसके साथ मज़ाक़ हुआ. लोकतांत्रिक तरीक़े से चुने गए प्रधानमंत्री जॉर्ज पापेंद्रु को इस्ती़फा देने के लिए मजबूर किया गया. पापेंद्रु ग्रीस की समाजवादी पार्टी पासोक के नेता हैं तथा उनके पिता और दादा ग्रीस के प्रधानमंत्री रह चुके हैं.

Read more

वादों का मारा बुंदेलखंड

बुंदेलखंड में चित्रकूट के घाट पर न तो संतों की भीड़ है और न चंदन घिसने के लिए तुलसीदास जी हैं. हां, बुंदेलखंड की व्यथा सुनने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह एवं कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ज़रूर बांदा आए. उन्होंने पानी की सुविधा के लिए दो सौ करोड़ रुपये देने का वादा करके आंसू पोंछने की कोशिश की है, लेकिन यहां की जनता के दु:ख-दर्द दूर होते नज़र नहीं आ रहे हैं.

Read more

मंत्री जी, किसान पागल नहीं हैं

देश की किसी भी संवेदनशील राज्य सरकार के लिए यह कितनी शर्मनाक और हक़ीक़त से मुंह चुराने वाली स्थिति है कि वह प्रदेश में एक के बाद एक मरने वाले किसानों को पागल क़रार देने की हठधर्मिता पर उतर आए और किसानों की आत्महत्याओं को पापों का प्रतिफल बताए.

Read more

मेवात का सामाजिक-आर्थिक परिवेश और तबलीगी जमात

मेवात इलाक़े में अधिकतर ज़मीनों पर खेती मियो किसान ही करते थे, लेकिन कुछ चौधरियों (स्थानीय समुदायों के नेताओं) को छोड़कर बड़े जमींदारों में उनकी गिनती नहीं थी. अधिकांश मियो छोटे किसान ही थे और ग़रीबी की हालत में जीते थे. (गिब्सन 1909:13) ज़मीन की उत्पादकता कम थी, वहीं आधुनिक सिंचाई सुविधाओं का भी नितांत अभाव था.

Read more

बनारसी साड़ी उद्योगः बुनकरों की हालत बदतर, सरकार उदासीन

कवि अग्निवेद को इस कविता की राह पर चलते हुए बीते वर्ष वाराणसी के गौरगांव निवासी बुनकर सुरेश राजभर पत्नी हीरामनी एवं सात वर्षीय पुत्र छोटू की हत्या करके स्वयं फांसी पर झूल गया. क़र्ज़ के बोझ तले दबे सुरेश के सामने जीने के लिए कोई रास्ता नहीं बचा था.

Read more

सार-संक्षेप

केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा में गुणात्मक सुधार और उसे रोचक बनाने के प्रयास में अरबों रुपए ख़र्च करने के बाद भी राज्य में सैटेलाईट के माध्यम से प्राथमिक शिक्षा (एडूसेट) की योजना पूरी तरह नाकाम हो गई है. इस योजना को सर्वप्रथम पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सीधी ज़िले में, तत्कालीन मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह ने प्रारंभ किया था.

Read more

सार-संक्षेप

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान राज्य के भोले-भाले मेहनतकश किसानों की सहानुभूति बटोर कर अपनी राजनीति चमकाना तो जानते हैं, लेकिन वे किसानों के हित में काम कैसे करते हैं, इसकी नज़ीर यह है कि किसानों की क़र्ज़ मा़फी की घोषणा हुए एक वर्ष हो गया, लेकिन आज भी नौ लाख किसान अपनी क़र्ज़ मा़फी का इंतजार कर रहे हैं

Read more