सही मायनों में अपनी आवाज़ को सीधे संवाद के ज़रिये जन-जन तक पहुंचाने का सर्वश्रेष्ठ माध्यम आज भी नाटक को ही माना जाता है. नाटक मंचन और इसी की एक विधा नुक्कड़ नाटकों के ज़रिये न स़िर्फ दर्शकों से सीधा संवाद होता है, बल्कि उसी व़क्त नाटक की विषयवस्तु से संबंधित सारी जानकारी भी मिल जाती है.
Tags: Corruption, Gandhi, Rajesh, character, drama, official, गांधी, चरित्र, नाटक, भ्रष्टाचार, राजेश, सरकारी Posted in आंदोलन, कानून और व्यवस्था, जरुर पढें, विधि-न्याय, समाज, साहित्य by Author: राजेश एस कुमार | No Comments » | Read More... |
इस व़क्त देश में यात्राओं का दौर चल रहा है. मुद्दे तमाम हैं, भ्रष्टाचार से लेकर राजनीति तक, लेकिन इसमें समाज का वह अंतिम व्यक्ति कहां है जिसके उत्थान के लिए गांधी जी ने इस देश को एक ताबीज दिया था?
Tags: Corruption, Gandhi, Person, Politics, Travel, गांधी, भ्रष्टाचार, यात्रा, राजनीति, व्यक्ति, समाज Posted in आंदोलन, कवर स्टोरी-2, कानून और व्यवस्था, राजनीति, विधि-न्याय, समाज by Author: शशि शेखर | No Comments » | Read More... |
दो अक्टूबर को गांधी जयंती मनाई जाती है. यह दिन पाखंड, अतिशयोक्ति और बड़बोलेपन का होता है. इस दिन बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं. राष्ट्रपिता को हम लोग दो दिन ही याद रखते हैं, एक उनके जन्मदिवस पर और दूसरे जिस दिन उनकी मृत्यु हुई थी. इसके बाद गांधी जी नोटों पर विराजमान होकर हम पर हंसते हुए दिखाई देते हैं. ये वही नोट होते हैं, जिनका इस्तेमाल काले धन के तौर पर हमारी राजनीति को भ्रष्ट करने के लिए किया जाता है.
Tags: Anna, Gandhi, Narayan, Politics, birthday, father of Nation, अन्ना, गांधी, जन्मदिवस, नारायण, राजनीति, राष्ट्रपिता Posted in समाज, साहित्य, स्टोरी-6 by Author: मेघनाद देसाई | No Comments » | Read More... |
2 अक्टूबर बीत गया. पहली बार देश में 2 अक्टूबर सरकारी फाइलों और सरकारी समारोहों से बाहर निकल करके लोगों के बीच में रहा. लोगों ने गांधी टोपी लगाकर महात्मा गांधी को याद किया. न केवल महात्मा गांधी को याद किया, बल्कि उनके विचारों के ऊपर चर्चाएं कीं, सेमिनार किए. 2 अक्टूबर बीतने के बाद ऐसा लग रहा है कि इस देश में बहुत सालों के बाद गांधी का नाम गांधीवादियों द्वारा नहीं, बल्कि गांधी के विचारों की ताक़त के आधार पर लोगों के मन में घर कर रहा है.
Tags: Bhagat, Chandrashekhar, Corruption, Gandhi, government, unemployment, गांधी, चंद्रशेखर, बेरोज़गारी, भगत, भ्रष्टाचार, सरकारी Posted in कानून और व्यवस्था, जब तोप मुकाबिल हो, राजनीति, विधि-न्याय, संपादकीय, समाज by Author: संतोष भारतीय | No Comments » | Read More... |
जब भगत सिंह और उनके साथियों को फांसी दी गई तो महात्मा गांधी ने कहा था, भगत सिंह और उनके साथियों को फांसी दे दी गई और वे शहीद हो गए. उनकी मौत कई लोगों के लिए व्यक्तिगत क्षति है.
Tags: Bhagat, Gandhi, Hardwork, Mahatma, Non-violence, energy, अहिंसा, ऊर्जा, गांधी, भगत, महात्मा, मेहनत Posted in जरुर पढें, विधि-न्याय, समाज, साहित्य by Author: अनंत विजय | No Comments » | Read More... |
बापू जब मोहनदास करमचंद गांधी थे, नौजवान वकील थे और दक्षिण अफ्रीका में वकालत करने गए तो उनके साथ एक हादसा हुआ. गोरों ने उन्हें प्रथम श्रेणी में बैठने के लायक़ नहीं समझा और ज़बरदस्ती गाड़ी से धक्का देकर बाहर फेंक दिया. जब वह हिंदुस्तान वापस आए, उनके मन में हिंदुस्तान में कुछ काम करने की इच्छा जागी.
Tags: Congress, Employment, Gandhi, India, Prime Minister, Rahul Gandhi, Travel, politics, village, कांग्रेस, गांधी, गांव, प्रधानमंत्री, यात्रा, राजनीति, राहुल गांधी, रोजगार, हिंदुस्तान Posted in जब तोप मुकाबिल हो, राजनीति, संपादकीय, समाज by Author: संतोष भारतीय | No Comments » | Read More... |
अन्ना हजारे दूसरे गांधी के रूप में उभर रहे हैं. हर अख़बार उनके स्तुतिगान से लबरेज है. लोकपाल बिल का मसौदा तैयार करने वाली समिति में सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों को शामिल करने की अन्ना की मांग यूपीए सरकार ने मंजूर कर ली.
Tags: Anna, Corruption, Gandhi, Hazare, Ramdev, War, lokpal bill, serenaded, अन्ना, गांधी, जंग, भ्रष्टाचार, लोकपाल बिल, स्तुतिगान Posted in आंदोलन, कानून और व्यवस्था, मीडिया, राजनीति, विधि-न्याय, समाज, स्टोरी-6 by Author: अस़गर अली इंजिनियर | No Comments » | Read More... |
विदेशी मूल से लेकर पति-सास की हत्या में संलिप्तता के आरोपों से घिरा सोनिया गांधी का कथित लांछनीय सियासी सफर हर दृष्टिकोण से सफल रहा है. यद्यपि उनके विरोधियों ने उक्त आरोपों के सहारे उनके सियासी क़दम को रोकने की पूरी कोशिश की, लेकिन उसका साइड इफेक्ट सोनिया गांधी के अनुकूल रहा.
Tags: CIA, Gandhi, Indira Gandhi. Rajiv Gandhi, Sonia Gandhi, Sudarshan, political, politics, इंदिरा गांधी. राजीव गांधी, गांधी, राजनीति, राजनीतिक, सीआईए, सुदर्शन, सोनिया गांधी Posted in कवर स्टोरी-2, राजनीति by Author: राजीव रंजन तिवारी | No Comments » | Read More... |
दुनिया की सबसे मशहूर और सबसे क़ीमती कलमें बनाने वाली कंपनी ने एक ऐसे आदमी के नाम पर एक लाख रुपये की कलम बनाने का फैसला क्यों किया, जिसने सारी उम्र हाथ से बने कपड़ों के अलावा और कुछ नहीं पहना? कंपनी ने महात्मा गांधी का सम्मान करने का फैसला इसलिए नहीं किया कि किसी नए सर्वे में यह कहा गया हो कि दुनिया भर के करोड़पति-अरबपति अचानक अहिंसा के अग्रदूत बन गए हों.
Tags: Gandhi, Mahatma Gandhi, expensive, pen, कलम, गांधी, पेन, महंगी, महात्मा गांधी Posted in कला और संस्कृति, विधि-न्याय, समाज, साहित्य, स्टोरी-6 by Author: एम जे अकबर | 2 Comments » | Read More... |
इस साल कांग्रेस अपना 125वां स्थापना दिवस मना रही है. भारत के सभी धर्मों के नागरिकों ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के ज़रिए स्वतंत्रता आंदोलन में अपना योगदान दिया, परंतु हमारे नेताओं की बहुसंख्यकवादी मानसिकता और स्कूली पाठ्यक्रम तैयार करने वालों के संकीर्ण दृष्टिकोण के चलते भारतीय स्वाधीनता आंदोलन में अल्पसंख्यकों की भूमिका को पूरी तरह से नज़रअंदाज़ कर दिया गया है.
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अन्ना और रामदेव ने जनता का विश्वास खो दिया |
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