सरकारों की शोषक प्रवृत्ति नदियों के विनाश का कारण बन रही है. अगर हिमालय की नदियां सूख जाएंगी तो उत्तरी भारत तबाह हो जाएगा. बांग्लादेश और पाकिस्तान तक पानी की घोर कमी हो जाएगी. मानव आबादी ख़त्म होने लगेगी. सरकार कंपनियों का साथ दे रही है. उसे अपनी जनता की कोई चिंता नहीं है. सरकार यह सोचने तक को तैयार नहीं कि अगर प्राकृतिक स्रोत ख़त्म हो गए तो पीढ़ियां बरबाद हो जाएंगी.