भारतीय जनता पार्टी अब राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की राह पर चलेगी. भाजपा पहले भी संघ के इशारे पर ही चलती थी, लेकिन थोड़ा पर्दा था. नए अध्यक्ष नितिन गडकरी ने यह पर्दा भी उठा दिया है. पहले संघ के लोग कहते थे कि भाजपा के क्रियाकलापों में संघ का कोई हस्तक्षेप नहीं है और भाजपा के नेता कहते थे कि संघ उनके लिए वैचारिक प्रेरणास्रोत है, भाजपा के काम में संघ की कोई दख़लअंदाज़ी नहीं है.
साधु-संतों को समाज में नैतिकता, प्यार, स्नेह, सहिष्णुता, अपरिग्रह का बुनियादी संदेश, जो सनातन धर्म का आधार है, फैलाना चाहिए. उन्हें वसुधैव कुटुंबकम और सर्वे भवन्ति सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामया याद रखना चाहिए, जो भारतीय समाज का पांच हज़ार वर्ष से ज़्यादा समय से आधार रहा है, पर वे तो इसे भूलते जा रहे हैं.