संभालिए, अभी कुछ बिगडा़ नहीं है

बहुत सारी चीजें अमेरिका में बनती हैं, अमेरिका में खुलती हैं, तब हमें पता चलता है कि हम किस तरह के जाल में कभी फंस चुके थे, इन दिनों फंस रहे हैं या आगे फंसने वाले हैं. हमारे देश की धुरंधर हस्तियां, जो लोगों की राय बनाती हैं, जिनमें जस्टिस राजेंद्र सच्चर, दिलीप पडगांवकर, उम्र के आखिरी पड़ाव पर खड़े प्रसिद्ध संपादक, लेखक एवं सोशल एक्टिविस्ट कुलदीप नैय्यर साहब और गौतम नवलखा शामिल हैं, जिन्होंने रूरल जर्नलिज्म और वैचारिक पत्रकारिता में नाम कमाया तथा इनके साथ बहुत सारे लोग एक साजिश में फंसे नजर आ रहे हैं, जिसका खुलासा अमेरिका में हुआ.

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दिल्ली का बाबूः डीडी निदेशक पद के लिए जंग शुरू

प्रसार भारती के निलंबित मुखिया बी एस लाली को लेकर अटकलें अब भी तेज़ हैं, जबकि यह मामला अब कोर्ट में है. सूत्रों के मुताबिक़ सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और विधि मंत्रालय के बीच तनातनी इस बात को लेकर है कि विधि मंत्रालय ने बी एस लाली के केस में अपना वकील बदल लिया है. अब बाबुओं के बीच दूरदर्शन के महानिदेशक पद के लिए जंग शुरू हो गई है, क्योंकि पूर्व महानिदेशक अरुण शर्मा भी लाली के साथ भ्रष्टाचार के आरोप में बाहर हो चुके हैं.

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आग पर झरिया

कोयले की राजधानी झरिया की आग को बुझाने में देश ही नहीं विदेशी एजेंसियां भी हाथ आजमाती रही हैं, लेकिन अरबों रुपए खर्च करने के बाद भी आग दहकती ही जा रही है. अब हालत यह है कि जहां-तहां बेक़ाबू आग धरती का सीना चीरकर बाहर भी झांकने लगती है. उसके बाद अचानक धरती नीचे धंस जाती है. ऐसे में जानमाल कुछ भी सुरक्षित नहीं है.

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