अराजकता का लाइसेंस नहीं स्वायत्तता

समकालीन भारतीय साहित्य इन दिनों संघर्ष, विरोध, प्रतिरोध, प्रदर्शन, प्रति प्रदर्शन, पुरस्कार वापसी आदि जैसे शब्दों से गूंज रहा है.

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