समाज को आईना दिखाती रिपोर्ट

हाल में यूनीसेफ द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार भारत में 22 फीसदी लड़कियां कम उम्र में ही मां बन जाती हैं और 43 फीसदी पांच साल से कम उम्र के बच्चे कुपोषण का शिकार हैं. रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकतर बच्चे कमज़ोर और एनीमिया से ग्रसित हैं. इन क्षेत्रों के 48 प्रतिशत बच्चों का वज़न उनकी उम्र के अनुपात में बहुत कम है. यूनिसेफ द्वारा चिल्ड्रन इन अर्बन वर्ल्ड नाम से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों की अपेक्षा शहरी ग़रीबों में यह आंकड़ा और भी चिंताजनक है, जहां गंभीर बीमारियों का स्तर गांव की तुलना में अधिक है.

Read more

एनीमिया की शिकार महिलाएं

देश में स्वास्थ्य के मामले में महिलाओं की हालत बेहद बदतर है. हालत यह है कि हर साल क़रीब एक लाख महिलाएं एनीमिया की वजह से मौत का शिकार हो रही हैं, जबकि 83 फ़ीसदी महिलाएं ख़ून की कमी की बीमारी से पीड़ित हैं. एक सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक़, देश में पांच साल से कम उम्र के 42 फ़ीसदी बच्चे कम वज़न के हैं और 69.5 फ़ीसदी बच्चों में ख़ून की कमी है

Read more