ग्रेटर नोएडा में ही रहेगा पतंजलि का फूडपार्क, योगी की पहल के बाद हुआ फैसला

ग्रेटर नोएडा में मेगा फूड पार्क के लिए अखिलेश यादव द्वारा बाबा रामदेव की पतंजलि को दी गई जमीन निरस्त

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तेल और मंजन के बाद अब बाबा रामदेव ने लांच किया पतंजलि सिम कार्ड

योगगुरू बाबा रामदेव ने अब टेलीकॉम सेक्टर में अपने कदम रखे हैं. रामदेव बाबा ने पतंजलि ब्रांड के तहत भारत

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मुस्लिम योगा टीचर राफिया नाज की मुश्किलें बढ़ी, मिल रही है तरह-तरह की धमकी

इन दिनों योग गुरु बाबा रामदेव के साथ रांची की एक मुस्लिम महिला योग टीचर राफिया नाज की तस्वीर वायरल

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भजन की धुन पर झूमते नज़र आएँगे बाबा रामदेव और सोनाक्षी सिन्हा

नई दिल्ली: अब तक आपने रिएलिटी शो तो बहुत ही देखें होंगे जिसमें डांस, सिंगिग, कॉमेडी, डेटिंग, स्टंट और बिग

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एफएमसीजी के बाद अब इस सेक्टर में धूम मचाएंगे बाबा रामदेव

नई दिल्ली: एफएमसीजी (फास्ट मूविंग कन्ज्यूमर गुड्स) सेक्टर में धूम मचाने के बाद देश के जाने माने योग गुरु बाबा

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अब जेल में योग सिखाएंगे योग गुरु बाबा रामदेव! गैर जमानती वारंट जारी

नई दिल्ली : पिछले साल बाबा जाने माने योग गुरु बाबा रामदेव ने पिछले साल अप्रैल महीने में रोहतक में

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Video Viral : जब बाइक पर धूम मचाते हुए निकले बाबा रामदेव, देखने वाले हो गये हैरान

नई दिल्ली : अभी तक आपने बाबा रामदेव को सिर्फ योग करते हुए देखा होगा. योग में तो कोई भी

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पतंजलि : बाबा का आंवला जूस सेहत के लिए हानिकारक, लैब टेस्ट की रिपोर्ट

नई दिल्ली, (विनीत सिंह) : बाबा रामदेव को योग के अलावा उनके पतंजलि ब्रांड के प्रोडक्ट्स के लिए भी जाना

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स्वदेशी सामान की वकालत करने वाले रामदेव के प्रोजेक्ट में स्पैनिश कमोड

नई दिल्ली (ब्यूरो, चौथी दुनिया)। वैश्निक मंच पर योग को अलग मुकाम देने वाले बाबा रामदेव का मानना है कि

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छत्तीसगढ़ में रामदेव का विश्व रिकॉर्ड, हजारों लोगों ने एक साथ किया सूर्य नमस्कार

नई दिल्ली (ब्यूरो, चौथी दुनिया)। स्वामी विवेकानंद की जंयती के मौके पर बाबा रामदेव और छत्तीसगढ़ सरकार ने मिलकर विश्व

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कादर खान, आचार्य बालकृष्ण और स्वामी रामदेव

क़ादर खान 78 वर्ष के हो गए. क़ादर खान हिंदुस्तान के उन चंद अभिनेताओं में हैं, जिन्होंने कॉमेडी रोल शानदार

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उत्तराखंड : मेहनत किसी की, श्रेय किसी और को!

योग गुरु बाबा रामदेव की मुक्तकंठ सराहना करके भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने उत्तराखंड में पार्टी

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प्रजातंत्र बना लाठीतंत्र

एक बार लखनऊ में मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर जबरदस्त प्रदर्शन हुआ. प्रदर्शनकारी पूर्वांचल के अलग-अलग शहरों से लखनऊ पहुंचे थे, उनकी संख्या क़रीब 1500 रही होगी, उनमें किसान, मज़दूर एवं छात्रनेता भी थे, जो अपने भाषणों में मुख्यमंत्री के ख़िलाफ़ आग उगल रहे थे. वे सब अपने भाषणों में सीधे मुख्यमंत्री पर निशाना साध रहे थे. उस प्रदर्शन का नेतृत्व समाजवादी नेता चंद्रशेखर कर रहे थे.

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देशभक्तों और ग़द्दारों की पहचान कीजिए

जब बाबा रामदेव के अच्छे दिन थे, उस समय हिंदुस्तानी मीडिया के कर्णधार उनसे मिलने के लिए लाइन लगाए रहते थे. आज जब बाबा रामदेव परेशानी में हैं तो मीडिया के लोग उन्हें फोन नहीं करते. पहले उन्हें बुलाने या उनके साथ अपना चेहरा दिखाने के लिए एक होड़ मची रहती थी. आज बाबा रामदेव के साथ चेहरा दिखाने से वही सारे लोग दूर भाग रहे हैं. यह हमारे मीडिया का दोहरा चरित्र है.

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यह खामोशी देश के लिए खतरनाक है

कोयला घोटाला अब स़िर्फ संसद के बीच बहस का विषय नहीं रह गया है, बल्कि पूरे देश का विषय हो गया है. सारे देश के लोग कोयला घोटाले को लेकर चिंतित हैं, क्योंकि इसमें पहली बार देश के सबसे शक्तिशाली पद पर बैठे व्यक्ति का नाम सामने आया है. मनमोहन सिंह कोयला मंत्री थे और यह फैसला चाहे स्क्रीनिंग कमेटी का रहा हो या सेक्रेट्रीज का, मनमोहन सिंह के दस्तखत किए बिना यह अमल में आ ही नहीं सकता था.

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सीएजी के प्रति कांग्रेस का रवैया यह प्रजातंत्र पर हमला है

सीएजी (कंप्ट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल) यानी नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट आई तो राजनीतिक हलक़ों में हंगामा मच गया. सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि 2006-2009 के बीच कोयले के आवंटन में देश को 1.86 लाख करोड़ का घाटा हुआ. जैसे ही यह रिपोर्ट संसद में पेश की गई, कांग्रेस के मंत्री और नेता सीएजी के खिला़फ जहर उगलने लगे. पहली प्रतिक्रिया यह थी कि सीएजी ने अपने अधिकार क्षेत्र की सीमा का उल्लंघन किया.

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देश को विजेता का इंतजार है

अगस्त का महीना भारतीय राजनीति के लिए महत्वपूर्ण रहा. सरकार, विपक्ष, अन्ना हजारे और बाबा रामदेव इस महीने के मुख्य पात्र थे. एक पांचवां पात्र भी था, जिसका ज़िक्र हम बाद में करेंगे. इन चार पात्रों ने अपनी भूमिका ब़खूबी निभाई. सरकार और विपक्ष ने अपनी पीठ ठोंकी, दूसरी ओर अन्ना और रामदेव ने अपने आंदोलन को सफल कहा. हक़ीक़त यह है कि ये चारों ही न हारे हैं, न जीते हैं, बल्कि एक अंधेरी भूलभुलैया में घुस गए हैं.

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