कश्मीर में नशे की फ़सल

धरती का स्वर्ग कहलाने वाला कश्मीर अ़फग़ानिस्तान की राह पर चल पड़ा है. क्षेत्र में नशे की खेती जोर पकड़ती जा रही है. नशे का सेवन न स़िर्फ एक गंभीर समस्या है, बल्कि इसका कारोबार और उत्पादन ग़ैरक़ानूनी है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2010 में पुलिस ने 8831.5 कनाल भूमि पर फैली नशे की खेती नष्ट की. 2011 में 7444 कनाल भूमि पर की जा रही अवैध खेती नष्ट की गई.

Read more

आदिवासी महिलाओं ने बदली गांव की तस्‍वीर

आदिवासी समुदाय के हौसले को तो हमेशा ही सराहा जाता रहा है. एक बार फिर से उन्होंने कुछ ऐसा कर दिखाया है, जो काबिले तारी़फ है. हम बात कर रहे हैं मिर्जापुर ज़िले की आदिवासी महिलाओं की. जी हां मिर्जापुर ज़िले के लालगंज क्षेत्र की आदिवासी महिलाओं ने अपनी मेहनत और लगन से इस गांव की तस्वीर बदल दी है.

Read more

पुरवा नहरः 21 साल में 30 कोस

जल संसाधन विभाग में भ्रष्टाचार के साथ-साथ लेट लतीफी के कारण तमाम जनहित की सरकारी परियोजनाओं का काम इतनी धीमी गति से होता है कि राज्य को उनका समय पर लाभ नहीं मिल पाता है. परियोजनाओं के निर्माण में देरी से निर्माण लागत भी कई गुना बढ़ जाती है.

Read more

सरदार सरोवर परियोजना फिर भी प्‍यासे हैं खेत और किसान…

योजनाओं का सच क्या होता है, इसे समझने के लिए एक घटना का ज़िक्र करना बहुत ज़रूरी है. नेहरू जी ने विनोबा भावे को पंचवर्षीय योजना के बारे में अपनी राय देने के लिए आमंत्रित किया था. विनोबा जी ने पूछा कि इस योजना से ग़रीबों को रोटी कितने दिनों के अंदर मिलने लगेगी? नेहरू जी ने कहा, बीस साल. तब विनोबा जी ने कहा कि क्या ग़रीब रोटी के लिए 20 साल इंतज़ार करेगा?

Read more