Tags: "television show", Army, BJP, BJP Lobbying, BSP, Barack, Congress, Delhi, India, Jdu, NDA, Rajneeti, Reality, SP, UPA, analysis, change, chauthiduniya, news, politics, santoshbhartiya, tv9 Posted in Crousel1, Internet Tv Archives, जरुर देखें by Author: India's First Internet TV | No Comments » | Read More... |
Tags: "television show", Army, BJP, BSP, Barack, Central Electricity Authority, Congress, Delhi, Generator, Global, India, Jdu, NDA, Reality, SP, UPA, analysis, change, chauthiduniya, coal scam, electricity, energy, free, gas, green, koyala ghotala, news, politics, power, rajneeti, santoshbhartiya, solar, tv9, warming, चुनाव Posted in Crousel1, Internet Tv Archives, जरुर देखें by Author: चौथी दुनिया ब्यूरो | No Comments » | Read More... |
सत्ता की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप एक आम बात है, लेकिन जब समय चुनाव का हो तो इनकी अहमियत भी बढ़ जाती है. यही आरोप चुनावी मुद्दे तक बन जाते हैं. मसलन, पश्चिम बंगाल में चुनाव का शंखनाद हो चुका है और विपक्ष यानी तृणमूल कांग्रेस वामपंथी शासन की जमकर बखिया उधेड़ने में जुटी हुई है.
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उत्तर बंगाल के छह ज़िलों की 54 विधानसभा सीटों के लिए पहले चरण के चुनावी समीकरण दक्षिण बंगाल की तुलना में कई मायनों में अलग हैं. कूचबिहार, जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर और मालदा में 18 अप्रैल को होने वाला मतदान सतरंगी परिणाम ला सकता है. बंगाल की खाड़ी से उठी बदलाव की बयार चाय बाग़ान होते हुए पहाड़ियों से टकराकर जैसे ठिठक गई है.
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हमारे देश में कई व्यवस्थाएं ऐसी हैं जो बाबा आदम के जमाने से चल रही हैं. वर्तमान में स्थितियां बदल चुकी हैं, इसके हिसाब से व्यवस्था में बदलाव होना ज़रूरी होता है, लेकिन ऐसा होता नहीं है. अब पुलिस रेग्यूलेशन एक्ट को ही ले लीजिए.
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लंबे समय से बदलाव की मांग के मद्देनज़र केंद्र सरकार ने केंद्रीय प्रशासनिक सेवा की प्रारंभिक परीक्षा के प्रारूप में बदलाव कर दिया है. इसके तहत संघ लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा के पाठ्यक्रम में बदलाव किए गए हैं. अगले साल यानी 2011 से वैकल्पिक प्रश्नपत्र नहीं होगा, इसकी जगह अभ्यर्थियों को दो अनिवार्य विषयों की परीक्षा देनी होगी.
Tags: Examination, Union Public Service Commission, administrative, change, course, परीक्षा, पाठ्यक्रम, प्रशासनिक, बदलाव Posted in कानून और व्यवस्था, विधि-न्याय, समाज, स्टोरी-6 by Author: रीतिका सोनाली | No Comments » | Read More... |
क्योटो प्रोटोकॉल के प्रति भारत का दृष्टिकोण भारत ने अगस्त, 2002 में क्योटो प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए और उसका अनुमोदन किया. इस प्रोटोकॉल की कई शर्तों से भारत को छूट हासिल है और तकनीकी हस्तांतरण एवं विदेशी निवेश के क्षेत्र में फायदा हो सकता है.
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जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए उठाए गए क़दमों की सुस्त चाल से, इससे प्रभावित हो रहे समुदायों में स्वाभाविक रूप से निराशा बढ़ी. परंपरागत राजनैतिक-वैज्ञानिक पद्धतियों पर आधारित उक्त उपाय ज़्यादा प्रभावी साबित नहीं हो रहे थे, पीड़ित लोगों की समस्याओं की अनदेखी हो रही थी और सबसे बड़ी बात यह थी कि मानवीय गतिविधियों के चलते वैश्विक तापमान में हो रही वृद्धि के लिए ज़िम्मेदारी तय करने की कोई व्यवस्था न होने से प्रभावित समुदायों को लगातार मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था.
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व्यवस्था संविधान को धोखा देकर बनी है |
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