भारत और चीन के बीच संबंधों में सुधार और सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बहाली के लिए प्रयास करने की बात काग़ज़ों में बहुत पहले से ही होती आ रही है. इसी काग़ज़ी कार्रवाई का एक और दौर शुरू हुआ, दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों के बीच सीमा विवाद से जुड़े मुद्दों पर वार्ता का.
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साइना नेहवाल एक बार फिर फ्लॉप हो गई हैं. सोल में कोरिया सुपर सीरीज बैडमिंटन टूर्नामेंट के क्वॉर्टर फाइनल में चीन की छठी वरीय खिलाड़ी यानजियाओ जियांग के साथ सीधे गेम में उन्हें शिकस्त का सामना करना पड़ा.
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भारत का रवैया चीन के प्रति हमेशा दोस्ताना रहा है. भारत की हमेशा यही कोशिश रही है कि चीन के साथ उसके संबंध अच्छे हों. इसके लिए वह शुरू से ही सकारात्मक प्रयास करता रहा है, लेकिन चीन एक तऱफ तो भारत को अपना मित्र बताता है, वहीं दूसरी तऱफ उसकी हरकतें ऐसी होती हैं कि किसी भी तरह उस पर विश्वास नहीं किया जा सकता.
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सोवियत संघ के विघटन के बाद माना जाने लगा कि शीत युद्ध ख़त्म हो गया है. ऐसा इसलिए, क्योंकि सोवियत संघ के विघटन के बाद साम्यवादी खेमा कमज़ोर हो गया था. रूस सामरिक तौर पर तो मज़बूत था, लेकिन उसकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह वैश्विक स्तर पर साम्यवाद के प्रसार के लिए मुहिम छेड़ सके.
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कोई भी पूंजीवादी उद्योगपति, किसी भी देश का वासी क्यों न हो, अपनी पूंजी तब ही लगाएगा, जब उसे उसकी सुरक्षा और उससे लाभ होने का पूरा विश्वास हो. अगर भारत सरकार की नीति उद्योगों के राष्ट्रीयकरण की रही तो कोई भी बाहरी पूंजीवादी अपना एक रुपया भी भारत में नहीं लगाएगा.
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दक्षिणी चीन के सेंजेन स्थित पोर्ट टाउन में 22 भारतीय व्यवसायी पिछले डेढ़ वर्षों से नारकीय ज़िंदगी गुजार रहे हैं. उन पर हीरों की तस्करी का आरोप है. इन कारोबारियों के परिवारीजनों ने भारत सरकार से अपील की है कि वह इस मामले में हस्तक्षेप करे और उनकी रिहाई सुनिश्चित कराए.
Tags: Business Man, China, Indian, government, prison, कारोबारी, चीन, जेल, भारतीय, सरकार Posted in कानून और व्यवस्था, जरुर पढें, राजनीति, विदेश, विधि-न्याय, समाज by Author: डी.आर. आहूजा | No Comments » | Read More... |
भारत ने अपनी पूर्व की ओर देखो नीति पर अमल करने की गति बढ़ा दी है. हाल में भारत ने पूर्वी एशिया के कई देशों के साथ गहरे संबंध बनाने की दिशा में प्रयास किए हैं. मालदीव के साथ समझौते किए, बांग्लादेश के साथ संबंध सुधारने के प्रयास तेज किए.
Tags: Asia, Bangladesh, China, India, Maldives, Vietnam, relations, एशिया, चीन, बांग्लादेश, भारत, मालदीव, वियतनाम, संबंध Posted in कानून और व्यवस्था, पड़ोस, राजनीति, विदेश, विधि-न्याय, समाज, स्टोरी-6 by Author: राजीव कुमार | 1 Comment » | Read More... |
पाकिस्तान की विदेश नीति भारत को केंद्र में रखकर बनाई जाती है. उसने यह सोच रखा है कि जो भारत के हित में हो, वह उसका विरोध करेगा, चाहे उसके हित में हो अथवा नहीं. लेकिन उसे अभी तक यह समझ में नहीं आ रहा है कि केवल भारत को कमज़ोर करने के लिए वह जो कर रहा है, उससे सबसे ज़्यादा नुकसान उसी को हो सकता है.
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भारत के प्रति चीन का रवैया हमेशा संदिग्ध रहा है. आज़ादी के बाद भारत के चीन से संबंध अच्छे रहे, सुरक्षा परिषद में चीन की स्थायी सदस्यता के लिए भारत ने समर्थन किया, वहीं चीन ने भी नेहरू के पंचशील के सिद्धांत का समर्थन किया था
Tags: Behaviour, China, India, Membership, Nehru, Panchsheel, चीन, नेहरू, पंचशील, भारत, रवैया, सदस्यता Posted in कानून और व्यवस्था, जरुर पढें, पड़ोस, विदेश, समाज by Author: राजीव कुमार | No Comments » | Read More... |
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जनता भोली होती है, बेवक़ू़फ नहीं |
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