बढ़ते बाज़ारवाद के दौर में उपभोक्ता संस्कृति तो देखने को मिल रही है, लेकिन उपभोक्ताओं में जागरूकता की कमी है. आज हर व्यक्ति उपभोक्ता है, चाहे वह कोई वस्तु खरीद रहा हो या फिर किसी सेवा को प्राप्त कर रहा हो. दरअसल, मुना़फा़खोरी ने उपभोक्ताओं के लिए कई तरह की परेशानियां पैदा कर दी हैं. वस्तुओं में मिलावट और निम्न गुणवत्ता की वजह से जहां उन्हें परेशानी होती है, वहीं सेवाओं में व्यवधान या पर्याप्त सेवा न मिलने से भी उन्हें द़िक्क़तों का सामना करना प़डता है. हालांकि सरकार कहती है, जब आप पूरी क़ीमत देते हैं तो कोई भी वस्तु वज़न में कम न लें.
Tags: Wake, Wake customer, commodity, consumer, exploitation, health, law, manufacturer, problems, product, purchase, purity, quality, quantity, उत्पाद, उत्पादक, उपभोक्ता, कानून, खरीद, गुणवत्ता, ग्राहक जागो, जागो, मात्रा, वस्तु, शुद्धता, शोषण, समस्या, स्वास्थ्य Posted in आर्थिक, कानून और व्यवस्था, राजनीति, विधि-न्याय, समाज, स्टोरी-6 by Author: फ़िरदौस ख़ान | No Comments » | Read More... |
FDI in Retail
Tags: Agriculture Minister, Anna Hazare, BIrla group, Congress, FDI in Retail, Ministry of Food and Processing, NDA, New Delhi, Reliance, Retail Industry in India, Retail market in India, Sharad Pawar, Tata, UPA, Winter session of Parliament, commodity Posted in Crousel1, Internet Tv Archives, जरुर देखें by Author: India's First Internet TV | 2 Comments » | Read More... |
|
जनता एक ज़िम्मेदार संसद का निर्माण करे |
|