कॉमनवेल्थ गेम्स में हॉकी के करीबी मुकाबले में पाकिस्तान ने भारत से छीनी जीत

कॉमनवेल्थ गेम्स में शनिवार को पाकिस्तान ने बेहद करीबी मुकाबले में भारत से जीत छीन ली. अंतिम समय तक मैच

Read more

21वें कॉमनवेल्थ गेम्स का आगाज, पीवी सिंधु ने किया भारतीय दल का नेतृत्व

ऑस्ट्रेलिया के कैरारा स्टेडियम में बुधवार को 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत हुई. इस गेम के ओपनिंग सेरेमनी का थीम

Read more

सुशील बनाम नरसिंह यादव : ओलंपिक से पहले दंगल

ओलंपिक के आयोजन से पहले भारतीय खेल जगत में हलचल मचना एक तरह की रवायत हो गई है. लंदन ओलंपिक

Read more

अभी और आगे जाना है

इंदिरा आवास योजना के तहत 25,000 रुपये देने के लिए ब्लॉक डेवलपमेंट अफसर (बीडीओ) के दफ्तर में 5,000 रुपये की

Read more

राष्‍ट्रमंडल खेलः सिर्फ पैसे की घपलेबाजी ही नहीं यह इंसानियत पर काला धब्‍बा है

भारत आज विश्व की एक उभरती महाशक्तिहै. इसलिए अगर यहां राष्ट्रमंडल खेल हो रहे हैं तो यह ख़ुशी और गर्व की बात है, लेकिन सवाल है कि इस खेल के पीछे जो खेल चल रहा है, वह कितना जायज़ है? खेल के नाम पर ग़रीबों की ज़िंदगी से आख़िर क्यों खेला जा रहा है?

Read more

राष्‍ट्रमंडल खेलः दिल्‍ली को सुसभ्‍य बनाने की कवायद

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियां इन दिनों चरम पर हैं. इसी वर्ष तीन अक्टूबर से लेकर 14 अक्टूबर तक होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों में हज़ारों विदेशी सैलानियों के दिल्ली पहुंचने की संभावना है. 1982 में हुए एशियाई देशों के खेलों के आयोजन एशियाड के बाद अब दूसरी बार कोई इतना बड़ा आयोजन भारत में किया जा रहा है.

Read more

आईपीएल पर सुरक्षा का खतरा फिर मंडराया

इंडियन प्रीमियर लीग के तीसरे सत्र का आयोजन एक बार फिर ख़तरे में है. नहीं, हम ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को लेकर बाल ठाकरे की धमकी की बात नहीं कर रहे. ऐसी धमकियां अब क्रिकेट के खेल पर ज़्यादा असर नहीं छोड़तीं, यह हम पहले भी देख चुके हैं. हम तो बात कर रहे हैं उन आतंकवादियों की, जिन्होंने भारत में होने वाले हर खेल आयोजन को अपना निशाना बनाने की धमकी दी है. बिना शक़ इसमें आईपीएल भी शामिल है और इस धमकी के बाद खिलाड़ियों, ख़ासकर विदेशी खिलाड़ियों की चिंताओं को मीडिया में प्रमुखता से जगह मिल रही है.

Read more

न पदक की उम्‍मीद, न कोई चिंता

राष्ट्रमंडल खेल का काउंट डाउन शुरू हो चुका है. खेल गांव से लेकर महंगे होटलों, फ्लाईओवर और सड़क निर्माण पर करोड़ों रुपये फूंके जा चुके हैं. दिल्ली को शंघाई बनाने की कवायद जारी है. कुल मिलाकर कहें तो खेल के पीछे भी एक खेल चल रहा है. लगभग हरेक भारतीय खेल संघ के अध्यक्ष पद की कमान नेताओं के हाथों में है.

Read more

खेलों की बर्बादी की वजह

सुरेश कलमाडी भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष हैं. कई वर्षों से इस पद पर उनका एकछत्र राज चल रहा है. वह राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति के भी अध्यक्ष हैं. यह हक़ीक़त है.

Read more

जनता के पैसे पर अययाशी का खेल

भारत में किसी भी बड़े खेल आयोजन में बड़े स्तर की आर्थिक घोटालेबाज़ी भी सामने आती है. इसकी सबसे बड़ी मिसाल है, पिछली बार जब भारत में क्रिकेट विश्वकप आयोजित किया गया था तो वित्तीय अनियमितताओं के लिए तत्कालीन बीसीसीआई अध्यक्ष जगमोहन डालमिया पर शिकंजा कसा. इसकी वजह से उन पर मुक़दमा भी हुआ, लेकिन अंतत: वह बच निकले. खेल संघ की कुर्सियों की शोभा बढ़ा रहे दिग्गजों को खेल की बुनियादी जानकारी भले न हो, ग़ुनाह के बाद बच निकलने के खेल में वे पूरे उस्ताद होते हैं.

Read more

विनाशकारी विकास मंजूर नहीं

विकास प्रक्रिया आज एक हक़ीक़त है और?इस हक़ीक़त से पैदा हो रहे सवालों को जानना इससे भी अधिक दिलचस्प है. जैसा कि हम जानते हैं कि आज शहरों में विकास की तेज़ रफ़्तार की वजह से ही भूमि सबसे बड़ी पूंजी के तौर पर उभर रही है.

Read more

सुधरो दिल्लीवालों ।।

चिदबंरम भाई. आप चाहते हैं कि दिल्ली वाले सुधर जाएं 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स के पहले?
हां भई। 2010 में आने वाले विदेशी मेहमान क्या सोचेंगे इस देश के बारे में दिल्लीवालों की बदतमीजियां देखकर?
क्या दिल्लीवाले बदतमीज हैं?।
ऑफ द रिकार्ड कुछ कहना चाहता हूं. देखो, बदतमीज तो हम सब है. अपने—अपने स्तर पर अपने—अपने स्तर की बदतमीजी मौके—बेमौके करते रहते हैं.
ट्रैफिक नियमों को तोडना, गाली देकर तू—तू मैं—मैं करना तो आम बात है. स्कूटर व टैक्सी चालकों का यात्रियों से ज्यादा भाडा ऐंठना, बढते अपराध. कहीं पर भी थूकना या सू—सू कर देना तथा अन्य सामाजिक विकार इन्हीं बदमीजियों का नतीजा हैं.
इन बदमीजियों से देश की छवि खराब होती है. 2010 तक दिल्ली को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाना पडेगा जिससे किसी विदेशी मेहमान को यह न लगे कि हम लोगों का स्तर उनसे कम है.
इसलिए हमें अपना स्तर आस्ट्रेलिया, लंदन, पेरिस और अमरीका की तरह बढाना पडेगा.
किस चीज का स्तर बढाना पडेगा?
बदतमीजी का।।

Read more