मिशन 2020

भारत ने लंदन ओलंपिक में 2 रजत और 4 कांस्य पदक जीतकर आज तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया. अच्छे प्रदर्शन के बावजूद सबके सामने एक बड़ा प्रश्न है कि सवा अरब की आबादी वाला देश महज़ 6 ओलंपिक पदक ही जीत पाया. लेकिन क्या आबादी मेडल जीतने का सही पैमाना हो सकती है. क्या यह संभव है कि हर देश अपनी आबादी के हिसाब से ओलंपिक पदकों पर क़ब्ज़ा कर सके.

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पंसारी पंचायत : जिसने लोगों की ज़िंदगी बदल दी

गांव के विकास में पंचायत की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, लेकिन अक्सर यह देखा जाता है कि पंचायतें अपनी भूमिका का निर्वहन सही तरीक़े से नहीं करती हैं, जिसके कारण लोगों के मन में यह धारणा घर कर गई है कि पंचायत के स्तर पर कुछ नहीं किया जा सकता है.

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व्यक्ति और समाज

मान लीजिए देश की समस्त संपत्ति आपके हाथ में सौंप दी जाए और कह दिया जाए कि आप उचित ढंग से उसका वितरण कर दीजिए. आप बंटवारा किस ढंग से करेंगे? एक बार आप अपने परिवार के आदमियों और इष्ट मित्रों को भूल जाइए, क्योंकि आप वितरणकर्ता हैं. तो लाज़िमी तौर पर आपको पक्षपात रहित होकर सर्वसाधारण को एक समान मानकर वितरण करना होगा. आपको पंच परमेश्वर का बाना पहनना होगा.

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राजा का एक और कारनामा

दूरसंचार मंत्रालय और घोटालों का मानो चोली-दामन का साथ है. टू जी स्पेक्ट्रम घोटाले की आंच से अभी दूरसंचार विभाग उबरा भी नहीं था कि एक और नया मामला सामने आ गया.

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जातिगत आरक्षण : व्यवस्थागत खामियों का प्रतिबिंब

सरकारी एवं ग़ैर सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थाओं में जाति आधारित आरक्षण का मुद्दा बार-बार हमारे सामने आता रहा है. ठीक उसी दैत्य की तरह, जो हर बार अपनी राख से ही दोबारा पैदा हो जाता है. इस मुद्दे पर विचार-विमर्श की ज़रूरत है. हमें यह सोचना होगा कि क्या आरक्षण वाकई ज़रूरी है.

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