किसानों की समस्याओं पर सरकारें कब संजीदा होंगी

हमारे देश में खेती को मानसून का जुआ कहा जाता रहा है. आधुनिकता से खेती में कई बदलाव आए, मगर खेती का जोखिम कम नहीं हुआ. अलबत्ता, आधुनिक खेती के चलते इसमें कई नए तरह के जोखिम ज़रूर जुड़ गए. अब भारत का किसान मौसम के जोखिम के अलावा सरकारी तंत्र और आधुनिक टेक्नोलॉजी के जोखिम भी एक साथ झेलता है. पश्चिम बंगाल के बर्दवान ज़िले में बीते 6 महीनों के भीतर 27 किसान अपनी जान दे चुके हैं.

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