तीसरा मोर्चा संभावनाएं और चुनौतियां

लोकसभा में एफडीआई के मुद्दे पर दो दलों ने जो किया, वह भविष्य की संभावित राजनीति का महत्वपूर्ण संकेत माना जा सकता है. शायद पहली बार मुलायम सिंह और मायावती किसी मुद्दे पर एक सी समझ रखते हुए, एक तरह का एक्शन करते दिखाई दिए. यह मानना चाहिए कि अब यह कल्पना असंभव नहीं है कि चाहे उत्तर प्रदेश का चार साल के बाद होने वाला विधानसभा का चुनाव हो या फिर देश की लोकसभा का आने वाला चुनाव, ये दोनों साथ मिलकर भी चुनाव लड़ सकते हैं.

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मुंगेर में धरे रह गए विकास के वादे

राज्य की सुशासन सरकार अब अपने पांचवें वर्ष अर्थात चुनावी वर्ष में पहुंच चुकी है. लिहाज़ा अपने कार्यों को लेकर लोगों का विश्वास प्राप्त करने के लिए सुशासन के मुखिया नीतीश कुमार विश्वास यात्रा पर निकल पड़े हैं. साढ़ चार वर्ष के कार्यकाल में विकास की क्या रूप-रेखा बनी, सरकार की कितनी योजनाएं सरज़मीं पर उतरीं और मुख्यमंत्री की घोषणाओं पर कितना अमल हुआ.

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